बोकारो: बोकारो स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस संख्या-1 के स्लैग ग्रेनुलेशन प्लांट (एसजीपी) क्षेत्र में गुरुवार सुबह आग लगने से अफरातफरी मच गई. आग की चपेट में आने से स्लैग परिवहन में इस्तेमाल होने वाली कन्वेयर बेल्ट संख्या K-21 और K-22 क्षतिग्रस्त हो गईं. घटना की सूचना मिलते ही प्लांट की अग्निशमन टीम सक्रिय हुई और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया.


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुबह करीब 9:30 बजे स्लैग ग्रेनुलेशन प्रक्रिया के दौरान कन्वेयर बेल्ट में आग लगी. घटना के पीछे गर्म स्लैग के संपर्क में आने की आशंका जताई जा रही है. वहीं, कुछ प्रारंभिक जानकारियों में कास्टिंग प्रक्रिया से पहले पानी की आपूर्ति शुरू नहीं होने को भी संभावित कारण बताया गया है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
कन्वेयर बेल्ट को नुकसान, प्रबंधन ने उत्पादन प्रभावित होने से किया इनकार
बोकारो स्टील प्लांट के संचार प्रमुख मणिकांत धान ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ब्लास्ट फर्नेस-1 के बाहर स्थित स्लैग ले जाने वाली कन्वेयर बेल्ट संख्या K-21 और K-22 में सुबह लगभग 9:30 बजे संभवतः गर्म स्लैग के कारण आग लग गई थी. प्लांट की फायर विंग ने तत्परता दिखाते हुए करीब आधे घंटे में आग बुझा दी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि आग ब्लास्ट फर्नेस के बाहर स्थित कन्वेयर बेल्ट में लगी थी. इससे ब्लास्ट फर्नेस या प्लांट की मुख्य उत्पादन इकाइयों के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. प्लांट में उत्पादन सामान्य रूप से जारी है.
क्षतिग्रस्त बेल्ट बदली जाएगी, नुकसान का आकलन बाकी
प्लांट प्रबंधन के अनुसार आग से क्षतिग्रस्त कन्वेयर बेल्ट को बदला जाएगा. घटना में हुए आर्थिक नुकसान का सटीक आकलन फिलहाल सामने नहीं आया है.
इस बीच घटना ने स्लैग हैंडलिंग सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं. गर्म स्लैग के परिवहन के दौरान तापमान नियंत्रण, पानी की उपलब्धता और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण होता है. ऐसे में आग लगने के वास्तविक कारणों की तकनीकी जांच आवश्यक है.
फिलहाल प्रबंधन ने उत्पादन बाधित होने की आशंका को खारिज किया है. आग लगने के कारणों और उपकरणों को हुए कुल नुकसान की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है.

