सरायकेला: बच्चों में नियमित पठन की आदत विकसित करने, पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाने और जिले में पठन संस्कृति को मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को समाहरणालय परिसर से ‘पठन जागरूकता रथ’ रवाना किया गया. उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया. यह रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं विद्यालयों तक पहुंचकर बच्चों को पुस्तकों और पठन आधारित गतिविधियों से जोड़ेगा.


पठन जागरूकता रथ के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों के लिए रोचक पठन गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. बच्चों को उनकी आयु और रुचि के अनुरूप पुस्तकों से जोड़ने के साथ स्वतंत्र रूप से पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा. पढ़ी गई कहानियों और विषयों पर चर्चा के अवसर भी दिए जाएंगे, ताकि बच्चों में पढ़ने के साथ समझने और अपनी बात अभिव्यक्त करने की क्षमता विकसित हो.
इस पहल का उद्देश्य पठन को केवल पाठ्यपुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं रखकर बच्चों के सीखने और आनंद का हिस्सा बनाना है. नियमित पठन के माध्यम से बच्चों के शब्द-भंडार, भाषा की समझ, अभिव्यक्ति क्षमता और आत्मविश्वास को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा.
FLN के लक्ष्यों को मजबूत करने पर भी जोर
पठन जागरूकता रथ को Foundational Literacy and Numeracy (FLN) के लक्ष्यों से भी जोड़ा गया है. विद्यालय स्तर पर नियमित पठन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के बुनियादी भाषा कौशल और सीखने की क्षमता को मजबूत करने का प्रयास होगा. इसके साथ विद्यालयों में सकारात्मक और आनंददायक पठन वातावरण विकसित करने पर जोर दिया जाएगा.
रथ को रवाना करने के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा, जिला शिक्षा अधीक्षक अमित कुमार सहित जिले के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम में Room to Read के आशीष कुमार तथा आदर्श पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

