सरायकेला: आरआईटी थाना क्षेत्र के कृष्णापुर निवासी अमित सरदार की हत्या कर शव रेलवे लाइन पर फेंके जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में दिकू किस्कू उर्फ बाबू किस्कू, सोमा मुंडा उर्फ बुका मुंडा, स्वरूप सोरेन उर्फ कतुरु और मिलन सिंह शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त बताए जा रहे दो लोहे के हथौड़े समेत चार स्मार्टफोन, एक मोटरसाइकिल और मृतक की शर्ट से लपेटा हुआ एक पत्थर बरामद किया है.


बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनुभव भारद्वाज ने मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 25 जुलाई 2026 को कृष्णापुर बोंडीह निवासी बैहुल्या देवी ने अपने बेटे अमित सरदार की हत्या कर साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव रेलवे लाइन पर फेंके जाने की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ आरआईटी थाना कांड संख्या 35/2026, धारा 103(1)/238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया था.
पुलिस के अनुसार अनुसंधान के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर चारों की भूमिका सामने आई. इसके बाद दिकू किस्कू उर्फ बाबू किस्कू, उम्र 26 वर्ष, सोमा मुंडा उर्फ बुका मुंडा, उम्र 38 वर्ष, स्वरूप सोरेन उर्फ कतुरु, उम्र 27 वर्ष और मिलन सिंह, उम्र 18 वर्ष को गिरफ्तार किया गया.
हत्या के बाद रेलवे लाइन पर शव फेंकने का आरोप
पुलिस की जांच के मुताबिक मामला केवल हत्या तक सीमित नहीं था. प्राथमिकी में आरोप है कि अमित सरदार की हत्या करने के बाद घटना को छिपाने और साक्ष्य मिटाने की नीयत से उसके शव को रेलवे लाइन पर फेंक दिया गया था. पुलिस ने अनुसंधान के दौरान घटनाक्रम से जुड़ी कड़ियों की जांच की और चार आरोपियों तक पहुंची.
आरोपियों की निशानदेही पर बरामद दो लोहे के हथौड़ों को पुलिस ने कांड में इस्तेमाल हथियार बताया है. इसके अलावा चार मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है. मृतक की शर्ट से लपेटा हुआ एक पत्थर भी बरामद किया गया है. इन सामानों को पुलिस ने विधिवत जब्त कर लिया है.
गिरफ्तार दिकू किस्कू मूल रूप से राजनगर थाना क्षेत्र के गोपालपुर का रहने वाला है और वर्तमान में कृष्णापुर टोला राहरगोड़ा इंडस्ट्रियल एरिया, आदित्यपुर-2 में रहता था. सोमा मुंडा मूल रूप से तमाड़ थाना क्षेत्र के दुड़बु का रहने वाला है और वर्तमान में राहरगोड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में रह रहा था. स्वरूप सोरेन सतबहनी धीराजगंज का रहने वाला है, जबकि मिलन सिंह मूल रूप से पूर्वी सिंहभूम के बोड़ाम थाना क्षेत्र के रापचा का निवासी है और वर्तमान में सतबहनी धीराजगंज में किराए पर रहता था. चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
इस मामले के उद्भेदन और गिरफ्तारी की कार्रवाई में आरआईटी थाना प्रभारी रविकांत पराशर, पुलिस अवर निरीक्षक विमलेश कुमार महतो, संजीत कुमार, सहायक अवर निरीक्षक विक्रम कुमार सहित पुलिस बल के अन्य जवान शामिल रहे.
प्रमोद सिंह (संपादक)

