आदित्यपुर: ‘बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुभानअल्लाह’… आदित्यपुर के जमीन और बिल्डिंग कारोबार में मोहंती बंधुओं से जुड़ा एक और विवाद पुलिस की चौखट तक पहुंच गया है. इस बार आरोपों के घेरे में बिल्डर संजय मोहंती के छोटे भाई अमित कुमार मोहंती हैं. उनके बिजनेस पार्टनर आनंद कुमार ने आदित्यपुर थाना में आवेदन देकर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, वित्तीय अनियमितता, दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है. पुलिस ने शिकायत की जांच शुरू कर दी है.


उल्लेखनीय है कि संजय मोहंती पूर्व में भी विवादों में रहे हैं. उनके खिलाफ खुद पर गोली चलवाने की साजिश समेत जमीन से जुड़े विभिन्न मामलों में आदित्यपुर और आरआईटी थाने में केस दर्ज होने की बात सामने आती रही है. खुद पर गोली चलवाने के मामले में आदित्यपुर पुलिस ने उन्हें जेल भी भेजा था. हाल ही में आरआईटी के आसंगी में प्रियदर्शिनी होम्स आवासीय प्रोजेक्ट के गेट और कार्यालय का निर्माण सरकारी जमीन पर किए जाने के मामले में प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की थी. अब उनके छोटे भाई अमित मोहंती के खिलाफ व्यावसायिक साझेदार की शिकायत ने नया विवाद खड़ा कर दिया है.
92 लाख लगाए, हिसाब नहीं मिला- शिकायतकर्ता
पुलिस को दिए आवेदन के अनुसार आनंद कुमार और अमित मोहंती ने A.K. Property Developers के नाम से पूर्वी सिंहभूम के पोटका प्रखंड स्थित शिकरसाई में ‘श्री साई विला’ नाम से भूमि प्लॉटिंग एवं डेवलपमेंट का साझेदारी कारोबार शुरू किया था. कार्यालय आदित्यपुर के कल्पनापुरी रोड में संचालित किया जा रहा था.
आनंद कुमार का दावा है कि उन्होंने कारोबार में करीब 92 लाख रुपये लगाए, जबकि अमित मोहंती ने ग्राहकों से करीब 11 लाख रुपये का कलेक्शन किया. आरोप है कि 1 नवंबर 2021 के बाद ग्राहकों से प्राप्त रकम और खर्च का स्पष्ट हिसाब उन्हें नहीं दिया गया. कुछ भुगतान की रसीद अपने नाम से बनाने और कलेक्शन की रकम कंपनी के रिकॉर्ड में नहीं दिखाने का आरोप भी लगाया गया है.
जमीन और पॉवर ऑफ़ अटर्नी पर भी सवाल
मामला केवल हिसाब- किताब तक सीमित नहीं है. शिकायतकर्ता ने कई भूखंडों की रजिस्ट्री और पॉवर ऑफ़ ऑटरनी से संबंधित गतिविधियां उनकी सहमति के बिना किए जाने का आरोप लगाया है. आवेदन में खाता संख्या 149 के प्लॉट संख्या 51 से जुड़े सौदे और 60 हजार रुपये की वापसी राशि का विवाद भी उठाया गया है. इसी खाते के प्लॉट संख्या 52 की 19 डिसमिल जमीन को लेकर बिना जानकारी पॉवर ऑफ़ अटर्नी लिए जाने का भी आरोप है. आवेदन में एक लाख रुपये के चेक का भी उल्लेख है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि एक व्यक्ति से प्लॉट देने के नाम पर एक लाख रुपये लिए गए, लेकिन न जमीन दी गई और न रकम वापस की गई.
अलग कार्यालय खोलने और धमकी देने का भी आरोप
आवेदन के दूसरे हिस्से में आनंद कुमार ने आरोप लगाया है कि उनकी जानकारी एवं सहमति के बिना ए.के . प्रॉपर्टी डेवलपर के नाम से आशियाना ट्रेड सेंटर, B-42 में अलग कार्यालय संचालित किया जाने लगा. जमीन कारोबार से जुड़े ग्राहकों और जमीन मालिकों से संपर्क कर कथित रूप से भ्रम की स्थिति पैदा करने का आरोप भी लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने 28 दिसंबर 2023 की रात करीब 9 बजे उनके आवास पर पहुंचकर कथित रूप से दबाव बनाने और धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है. उन्होंने पुलिस के समक्ष अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है.
बड़े भाई संजय मोहंती के घर हुई थी बैठक
आवेदन में दावा किया गया है कि विवाद सुलझाने के लिए कई बार बैठकें हुईं. इसी क्रम में 13 अप्रैल 2026 को अमित के बड़े भाई संजय मोहंती के निवास पर भी बैठक हुई थी. शिकायतकर्ता के अनुसार वहां मामले का समाधान करने का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में कथित तौर पर हिसाब-किताब अथवा विवाद का समाधान नहीं हुआ.
अब पुलिस जांच पर नजर
आनंद कुमार की शिकायत पर पुलिस से BNS की धारा 316 (2) और 318 (4) के तहत मामला दर्ज कर पूरे कारोबारी लेन-देन, जमीन के दस्तावेज और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल ये शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. अमित कुमार मोहंती का पक्ष भी सामने नहीं आया है. ऐसे में सवाल कई हैं.
• साझेदारी के कारोबार में लगाए गए लाखों रुपये आखिर कहां गए ?
• जमीन से जुड़े सौदों और पॉवर ऑफ़ अटर्नी की वास्तविक कहानी क्या है ?
• और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है ?
अब इन सवालों का जवाब आदित्यपुर पुलिस की जांच से ही सामने आएगा.
संतोष कुमार
प्रधान संपादक

