सरायकेला: जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने, यातायात व्यवस्था को अनुशासित करने और सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने को लेकर संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट और समयबद्ध निर्देश दिए गए.


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वगियारी, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी शंकरचार्य समाद, सरायकेला और चांडिल के अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, यातायात निरीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए.
बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी ने जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की जानकारी दी. बताया गया कि जुलाई माह में जिले में कुल 20 सड़क दुर्घटनाएं हुईं. इनमें 6 लोग घायल हुए, जबकि 17 लोगों की मौत हुई. जिले में दुर्घटना संभावित 18 स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं. सड़क सुरक्षा अभियान के तहत यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से चलाए गए सघन वाहन जांच अभियान में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों से 22 लाख 24 हजार 850 रुपये का जुर्माना वसूला गया है.
उपायुक्त ने दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का निर्देश दिया. उन्होंने जेब्रा क्रॉसिंग, सड़क रेखांकन, गति अवरोधक, चेतावनी संकेतक, सूचना पट्ट और प्रकाश व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने तथा उनका नियमित रखरखाव कराने को कहा. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रमुख मार्गों पर अधूरे मरम्मत कार्यों को जल्द पूरा किया जाए. सड़क निर्माण और मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने चौका- चाईबासा और चांडिल- कांड्रा मार्ग की आवश्यक मरम्मत शीघ्र पूरी कराने का निर्देश दिया. साथ ही बरसात के बाद चौका-चाईबासा मार्ग के चौड़ीकरण और निर्माण कार्य शुरू कराने को कहा. सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया. जिन मार्गों पर भारी और बड़े वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित है, वहां ऐसे वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगाने का निर्देश दिया गया. प्रमुख सड़कों पर भारी वाहनों के अवैध रूप से खड़े किए जाने के खिलाफ नियमित जांच और कार्रवाई करने को भी कहा गया.
तेज रफ्तार के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया. दुर्घटना संभावित और अधिक गति वाले मार्गों को चिन्हित कर आवश्यकतानुसार गति सीमा निर्धारित करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया. उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना जीवन बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. दुर्घटना की सूचना मिलते ही बचाव वाहन को यथाशीघ्र घटनास्थल पर पहुंचाने और घायल को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी प्रभारी, थाना प्रभारी और सिविल सर्जन को आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद निर्धारित समय में बचाव वाहन घटनास्थल तक पहुंचे और घायल को बिना अनावश्यक विलंब के उपचार मिले.
वहीं पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए निगरानी और कार्रवाई व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में नियमित गश्त, प्रमुख मार्गों पर सघन वाहन जांच और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया.
उन्होंने तेज गति से वाहन चलाने, नशे में वाहन चलाने, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और गलत दिशा में वाहन चलाने सहित अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने को कहा. भारी वाहनों के अवैध रूप से खड़े किए जाने और यातायात बाधित करने वाले वाहनों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.
उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा. आम लोगों और वाहन चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने, नियंत्रित गति से वाहन चलाने, नशे में वाहन नहीं चलाने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और खराब मौसम में सावधानी बरतने के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया. युवाओं और नई पीढ़ी को सड़क सुरक्षा से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया. इसके लिए विद्यालयों में नियमित रूप से सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने का निर्देश दिया गया.
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाना किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है. पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, पथ निर्माण, स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा. उन्होंने सभी विभागों को सड़क सुरक्षा उपायों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा और निगरानी करने तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुधारात्मक कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास से सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है और जिले में आम लोगों के लिए सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

