सरायकेला: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत शुक्रवार को सरायकेला स्थित बालक मध्य विद्यालय में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया. विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका कंचन कुमारी सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में सदर अस्पताल सरायकेला की आरबीएसके टीम ने 150 से अधिक छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच की.


डॉ. विशाल कुमार के नेतृत्व में पहुंची आरबीएसके टीम में चिकित्सकों के अलावा फार्मासिस्ट, एएनएम और लैब टेक्नीशियन शामिल थे. टीम ने बच्चों की लंबाई, वजन, हीमोग्लोबिन, आंखों की रोशनी, दांत, त्वचा, कान-नाक-गला, कुपोषण और एनीमिया सहित विभिन्न स्वास्थ्य मानकों की जांच की.
आरबीएसके के 4डी फॉर्मूले के तहत बच्चों में जन्मजात दोष, बीमारियों, विकास में कमी और दिव्यांगता से संबंधित लक्षणों की स्क्रीनिंग की गई. जांच के दौरान कई बच्चों में मौसमी सर्दी-खांसी, दांतों में कीड़ा लगने और त्वचा संबंधी समस्याओं के लक्षण पाए गए. ऐसे बच्चों को मौके पर ही आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं.
जांच के दौरान एक बच्चे की आंखों की रोशनी कमजोर पाई गई, जबकि दो बच्चों के दांतों में कीड़ा पाया गया. तीनों बच्चों को बेहतर जांच और उपचार के लिए सदर अस्पताल सरायकेला रेफर किया गया.
प्रभारी प्रधानाध्यापिका कंचन कुमारी सिन्हा ने कहा कि इस तरह के स्वास्थ्य जांच शिविर बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. इससे बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है और किसी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या की समय रहते पहचान कर उसका उपचार कराया जा सकता है.
आरबीएसके टीम के डॉ. विशाल कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के सरकारी विद्यालयों में नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं. इसका उद्देश्य बच्चों में होने वाली बीमारियों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना है. गंभीर बीमारी पाए जाने पर बच्चों को रिम्स, रांची तक निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है.
उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन लेने तथा व्यक्तिगत और आसपास की स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी जागरूक किया.
शिविर में डॉ. भारती कुमारी, डॉ. कुमारी माधुरी, फार्मासिस्ट प्रवीण कुमार, मंजीत महतो सहित आरबीएसके टीम के अन्य सदस्य, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
प्रमोद सिंह (संपादक)

