जमशेदपुर: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को जमशेदपुर पहुंचे. जहां उन्होंने कदमा उलियान स्थित शहीद निर्मल महतो के समाधि स्थल पर पहुंचकर माथा टेका और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.



इस मौके पर ईचागढ़ विधायक एवं शहीद निर्मल महतो के छोटे भाई स्वर्गीय सुधीर महतो की पत्नी सविता महतो सहित कोल्हान के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे विधायक, झामुमो के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे.
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विशाल जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने शहीद निर्मल महतो के संघर्ष, बलिदान और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया, मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के निर्माण के लिए अनेक लोगों ने अपना बलिदान दिया. लेकिन निर्मल दा की शहादत उन सभी बलिदानों में अलग और महत्वपूर्ण थी.

हेमंत सोरेन ने कहा कि शहीद निर्मल महतो समेत झारखंड आंदोलन के वीर सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की वजह से ही अलग झारखंड राज्य का सपना साकार हो सका. उन्होंने कहा कि निर्मल दा के सपनों का झारखंड बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे शहीद निर्मल महतो के आदर्शों और विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करें. युवाओं को झारखंड को विकसित और मजबूत राज्य बनाने के लिए संकल्प लेना चाहिए.

इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में राजनीतिक माहौल को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य को अशांत करने के पीछे विपक्ष का एजेंडा काम कर रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष केवल छाती पीटने का काम कर रहा है.
हालांकि कार्यक्रम के बाद छात्रों के आंदोलन और उनकी मांगों को लेकर मीडिया ने मुख्यमंत्री से सवाल किया. लेकिन मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर सवालों से बचते नजर आए और उन्होंने कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी.
शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में झामुमो ने एक बार फिर उनके संघर्ष और विचारों को राजनीतिक और सामाजिक संकल्प के रूप में सामने रखा. वहीं मुख्यमंत्री के बयान के बाद राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर सियासी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं.





