जामताड़ा: कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को उसके परिजनों ने जामताड़ा थाना पहुंचकर पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए. परिजनों ने मुठभेड़ को पूर्व नियोजित बताते हुए इसे फर्जी एनकाउंटर करार दिया और पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की.



सुजीत सिन्हा की सास उषा देवी, साला आयुष राज तथा अन्य परिजनों ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि करीब एक माह पहले ही सुजीत ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आशंका जताई थी कि किसी दूसरी जेल में स्थानांतरण के दौरान पुलिस उसका एनकाउंटर कर सकती है. इस संबंध में हाई कोर्ट में रिट याचिका भी दायर की गई थी. परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद जेल स्थानांतरण के दौरान उसे गोली मार दी गई.
परिजनों का कहना है कि सुजीत ने पहले ही स्पष्ट किया था कि उसकी जेल से भागने की कोई मंशा नहीं है. ऐसे में पुलिस का यह दावा कि उसने जवान की राइफल छीनकर भागने का प्रयास किया. कई सवाल खड़े करता है. उषा देवी ने कहा कि यदि वह भागने की कोशिश भी करता तो उसे पैर में गोली मारकर पकड़ा जा सकता था. लेकिन उसके शरीर में कई गोलियां लगीं. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
उषा देवी ने सुजीत की पत्नी रिया सिन्हा को लेकर भी कई आरोप लगाए. उनका दावा है कि रिया पहले होटवार जेल में बंद थी और बाद में उसे चाईबासा जेल स्थानांतरित किया गया. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जेल के भीतर उसके पास मोबाइल फोन कैसे पहुंचा इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
परिजनों के अनुसार सुजीत सिन्हा का एक पुत्र है. जो कक्षा छह का छात्र है और वर्तमान में रांची के पंडरा स्थित अपने ननिहाल में रहता है. बच्चे की तबीयत खराब होने के कारण उसका इलाज कराया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने घटना की आधिकारिक सूचना परिवार को नहीं दी. उन्हें रविवार देर रात परिचितों के व्हाट्सएप संदेश और टीवी समाचारों के माध्यम से घटना की जानकारी मिली.
परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय नहीं दिया गया तो वे विरोधस्वरूप सुजीत सिन्हा के बच्चे का दाह संस्कार करने जैसा कदम उठाएंगे.
पुलिस का पक्ष
दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ के संबंध में वह पहले ही अपना आधिकारिक पक्ष सार्वजनिक कर चुकी है. मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





