चांडिल: थाना क्षेत्र में कथित नक्सली महाराज प्रामाणिक के नाम पर रंगदारी मांगने के चर्चित मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है. पूर्व में दर्ज शिकायत के बाद अब दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया है. इसके बाद संबंधित पक्षों ने चांडिल थाना में संयुक्त आवेदन देकर पूर्व में दिए गए आवेदनों पर आगे कोई कार्रवाई नहीं करने का अनुरोध किया है.



संयुक्त आवेदन में सुफल मुर्मू, नरेश साहू, राजू किस्कू, राजू कुम्हार, कार्तिक प्रामाणिक और नयन सोरेन ने बताया कि ग्रामीणों की पहल पर दोनों पक्षों के बीच बैठक हुई, जिसमें आपसी विवाद का समाधान कर लिया गया. इसके बाद सभी पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता पत्र तैयार कर थाना में जमा कराया.
आवेदन में कहा गया है कि वर्तमान में दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार का विवाद शेष नहीं है. इसलिए पूर्व में दिए गए आवेदनों पर कोई अग्रिम कार्रवाई नहीं की जाए. साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि भविष्य में यदि किसी भी पक्ष द्वारा कानून का उल्लंघन किया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए. आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि इस विवाद में कुख्यात नक्सली महाराज प्रामाणिक का कोई वास्तविक हस्तक्षेप नहीं था.
गौरतलब है कि इससे पहले व्यवसायी सुफल मुर्मू ने चांडिल थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि 16 जुलाई 2026 की रात उनके सहयोगी के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल कर स्वयं को हजारीबाग जेल में बंद कुख्यात नक्सली महाराज प्रामाणिक बताने वाले व्यक्ति ने प्रतिमाह 20 हजार रुपये रंगदारी की मांग की थी. शिकायत में कुछ स्थानीय लोगों पर रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने तथा हथियार के बल पर डराने-धमकाने जैसे आरोप भी लगाए गए थे.
हालांकि, संयुक्त समझौता आवेदन सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है. पुलिस का कहना है कि नया आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले में विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाई जा रही है. वहीं,
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय





