सरायकेला: सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के अंतर्गत भू-अर्जन एवं पुनर्वास से जुड़े लंबित मामलों को लेकर शुक्रवार को आदित्यपुर स्थित सुवर्णरेखा परियोजना कार्यालय में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की संयुक्त अध्यक्षता परियोजना प्रशासक राजीव रंजन और ईचागढ़ विधायक सविता महतो ने की. बैठक में भू-अर्जन, पुनर्वास, मुआवजा, रोजगार और परियोजना प्रभावित परिवारों की विभिन्न समस्याओं की विस्तार से समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.



बैठक के दौरान विधायक सविता महतो ने प्रशासन के समक्ष 19 सूत्री मांगपत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि चांडिल डैम परियोजना से प्रभावित 84 मौजा के 116 गांवों के विस्थापित परिवार वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लंबित पुनर्वास, मुआवजा, विकास पुस्तिका और पुनर्वास अनुदान से जुड़े मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके.
विधायक ने परियोजना प्रभावित शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रिक्त पदों पर प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति देने की मांग की. साथ ही इंडो डेनिश टूल रूम से प्रशिक्षण प्राप्त लगभग 400 युवाओं को स्थानीय उद्योगों में रोजगार उपलब्ध कराने की भी बात कही. उन्होंने सभी 22 पुनर्वास स्थलों को सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से विकसित करने पर जोर दिया.

बैठक में विधायक ने यह भी मांग रखी कि पूर्ण पुनर्वास होने तक चांडिल डैम का जलस्तर आरएल-180 मीटर से नीचे रखा जाए, ताकि डूब क्षेत्र के लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े. इसके अलावा पुनर्वास स्थलों से अवैध कब्जा हटाकर वास्तविक विस्थापितों को भूखंड आवंटित करने, भूखंड आवंटन समिति की नियमित बैठक कराने, आंशिक रूप से प्रभावित गांवों में खेल मैदान विकसित करने तथा चांडिल डैम क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मार्केट कॉम्प्लेक्स, रिसॉर्ट और ठहरने की सुविधाएं विकसित करने की मांग भी उठाई.

समीक्षा बैठक के दौरान परियोजना प्रशासक राजीव रंजन ने संबंधित अधिकारियों को सभी पुनर्वास स्थलों का व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने तथा परियोजना प्रभावित परिवारों का आय, जाति और आवासीय प्रमाणपत्र शीघ्र निर्गत करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पुनर्वास और भू-अर्जन से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें.

बैठक में संयुक्त सचिव-सह-अपर निदेशक (भू-अर्जन एवं पुनर्वास), अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल, भूमि अर्जन पदाधिकारी, पुनर्वास पदाधिकारी, विभिन्न प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता सहित कई अधिकारी मौजूद थे. वहीं झामुमो के केंद्रीय सदस्य काबलू महतो, विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विस्थापितों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लेकर अपनी समस्याएं रखीं.






