सरायकेला: मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत शनिवार को कुचाई प्रखंड परिसर में सुकर (सूअर) वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान चयनित पांच लाभुकों के बीच उन्नत नस्ल के सुकरों का वितरण किया गया. योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देकर किसानों एवं बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और उनकी आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाना है.


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह मुंडा उपस्थित रहे. उन्होंने प्रखंड प्रमुख गुड्डी देवी, प्रखंड सचिव मुन्ना सोय, पशुपालन विभाग के चिकित्सक डॉ. शंकर सिंह एवं ग्रीस सोय के साथ संयुक्त रूप से लाभुकों को सुकर वितरित किए. इस दौरान लाभुकों को वैज्ञानिक तरीके से सुकर पालन, पशुओं की देखभाल और स्वास्थ्य प्रबंधन की भी जानकारी दी गई.
विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह मुंडा ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित कर रही है. मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना भी उन्हीं योजनाओं में शामिल है, जिसके माध्यम से ग्रामीण परिवारों को आय का अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने लाभुकों से योजना का बेहतर उपयोग कर सुकर पालन को व्यवसाय के रूप में विकसित करने की अपील की.
प्रखंड प्रमुख गुड्डी देवी ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम है. सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों का सही उपयोग कर लाभुक आत्मनिर्भर बन सकते हैं.
पशुपालन विभाग के चिकित्सक डॉ. शंकर सिंह ने लाभुकों को वैज्ञानिक पद्धति से सुकर पालन की जानकारी देते हुए बताया कि संतुलित आहार, नियमित टीकाकरण और स्वच्छ वातावरण पशुओं के बेहतर विकास के लिए आवश्यक है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग की ओर से लाभुकों को हरसंभव तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा.
कार्यक्रम के दौरान लाभुकों ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत मिले लाभ के लिए राज्य सरकार एवं पशुपालन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इस योजना से उनकी आय बढ़ेगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. इस अवसर पर धमेंद्र सांडिल, उमेश मुखी, सुनील सोय, रघुनाथ भुमिज, सोयना मुंडा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे.





