सरायकेला: भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा के साथ सरायकेला का ऐतिहासिक 10 दिवसीय रथ मेला शनिवार से पूरे उल्लास, आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शुरू हो गया. नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने फीता काटकर मेले का विधिवत उद्घाटन किया. उद्घाटन के साथ ही पूरा मेला परिसर रंग- बिरंगी रोशनी, झूलों की चहल-पहल, सजी-धजी दुकानों और श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार हो उठा.


रथ मेले में इस बार बच्चों, युवाओं और परिवारों के लिए विशेष आकर्षण का इंतजाम किया गया है. विशाल झूले, डिस्को झूला, जलपरी झूला, बच्चों के मनोरंजन के साधन, खिलौनों की दुकानें, मीना बाजार, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, हस्तशिल्प, श्रृंगार सामग्री, मिठाइयों और विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के स्टॉल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोग मेले का आनंद लेने पहुंचे.
उद्घाटन समारोह में मेला समिति के सचिव छोटेलाल साहू, उपाध्यक्ष गोविंद साहू, भोला मोहंती, रूपेश साहू, नागू साहू सहित समिति के सदस्य, दुकानदार और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे. सभी ने मेले को शांतिपूर्ण एवं सफल बनाने का संकल्प लिया.
नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि सरायकेला का रथ मेला केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि जिले की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं. साथ ही लोगों से स्वच्छता बनाए रखने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की.
मेला समिति के सचिव छोटेलाल साहू ने कहा कि इस वर्ष सुरक्षा, साफ-सफाई, रोशनी और दुकानों की व्यवस्था को पहले से अधिक बेहतर बनाया गया है. अगले 10 दिनों तक प्रतिदिन हजारों लोगों के मेले में पहुंचने की संभावना है और समिति पूरी तैयारी के साथ लोगों के स्वागत में जुटी है.
मेले में बच्चों के चेहरे पर झूलों का उत्साह, युवाओं में खरीदारी का जोश और श्रद्धालुओं में भगवान जगन्नाथ के प्रति अटूट आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. दूर-दराज के गांवों से भी लोग परिवार सहित मेले का आनंद लेने पहुंच रहे हैं. दुकानदारों को भी इस बार बेहतर कारोबार की उम्मीद है.
धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पारिवारिक मनोरंजन का अनूठा संगम बना सरायकेला का ऐतिहासिक रथ मेला अब अगले 10 दिनों तक शहर की रौनक बना रहेगा.
प्रमोद सिंह (संपादक)





