जामताड़ा: साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जामताड़ा पुलिस को शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली. पुलिस ने जिले के दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कुल नौ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया. आरोपियों के कब्जे से 27 मोबाइल फोन, 39 सिम कार्ड सहित साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गए.


पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पहली छापेमारी सियाटांड़ और मठटांड़ क्षेत्र के जंगल में की गई. सूचना के सत्यापन के बाद साइबर अपराध के उपाधीक्षक अमित के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई. पुलिस को देखते ही अपराधी भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर पांच आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया.
इसी दौरान दूसरी सूचना जामताड़ा थाना क्षेत्र के पोसोई मार्ग से मिली, जहां कुछ साइबर अपराधी ठगी की वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे. पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वहां भी छापेमारी की और चार अन्य आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. इस तरह एक ही दिन में कुल नौ साइबर अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़ गए.
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी फर्जी कस्टमर केयर नंबर जारी कर, कैशबैक के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर तथा बैंक अधिकारी बनकर लोगों से एटीएम कार्ड, सीवीवी नंबर और ओटीपी की जानकारी हासिल करते थे. इसके बाद देश के विभिन्न राज्यों के लोगों के बैंक खातों से ठगी की वारदात को अंजाम देते थे.
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है. इनमें से दो आरोपियों के विरुद्ध पहले से भी साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है और इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं.
इस अभियान में साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल, निरीक्षक नितिश कुमार, अवर निरीक्षक बिनोद सिंह सहित विशेष पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, सीवीवी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





