आदित्यपुर: सावन मास में मनाई जाने वाली विपत तारिणी पूजा शनिवार को पूरे श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुई. आदित्यपुर के मिरूडीह स्थित काली मंदिर में पिछले पांच वर्षों की तरह इस वर्ष भी विपत तारिणी पूजा का भव्य आयोजन किया गया. सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर मां विपत तारिणी की आराधना की और अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि, दीर्घायु तथा सभी प्रकार की विपत्तियों से रक्षा की कामना की.


हिंदू धर्म में विपत तारिणी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि मां विपत तारिणी अपने भक्तों को हर संकट, रोग, शोक और अनिष्ट से रक्षा करती हैं. विशेष रूप से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, परिवार की खुशहाली और संतानों के मंगलमय जीवन के लिए यह व्रत और पूजा करती हैं. मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा से जीवन की बड़ी से बड़ी विपत्तियां भी टल जाती हैं.
मिरूडीह स्थित काली मंदिर में पंडित आशीष ज्योतिषी ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं संपूर्ण विधि-विधान के साथ पूजा- अर्चना संपन्न कराई. पूजा के दौरान महिलाओं ने मां विपत तारिणी को चुनरी, पुष्प, फल एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार के कल्याण की प्रार्थना की. पूरे मंदिर परिसर में भक्ति गीतों, मंत्रोच्चार और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा.

पूजा के सफल आयोजन में कमेटी के अध्यक्ष मदन माझी, दीपक, गुड्डू, मदु, रोहू, अविनाश, अभिषेक सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई. आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं, जिससे पूजा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई.
महिलाओं ने कहा कि विपत तारिणी माता की कृपा से परिवार पर आने वाले सभी संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है. पूजा के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया और सभी ने मां से क्षेत्र की खुशहाली एवं मंगल की कामना की.





