जामताड़ा: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत संचालित ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ कार्यक्रम के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान और निःशुल्क उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई. जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य जांच के दौरान चिन्हित बच्चों को विशेषज्ञ जांच के लिए एम्स देवघर भेजा गया.


स्वास्थ्य विभाग की ओर से जामताड़ा प्रखंड के 19, नारायणपुर के 1, कुंडहित के 5 तथा नाला प्रखंड के 4, कुल 29 बच्चों की एम्स देवघर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा हृदय संबंधी जांच कराई गई.
जांच के दौरान पांच बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि हुई. इनमें से दो बच्चों को हृदय ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई, जबकि तीन बच्चों का फिलहाल दवा के माध्यम से उपचार करने की अनुशंसा की गई है.
बच्चों के साथ स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सकीय टीम भी मौजूद रही. टीम में डॉ. सत्यनारायण, डॉ. निवास पंडित, डॉ. संजय सेन, डॉ. दिलीप बरई, डॉ. रामकृष्ण बाबू, डॉ. दिनेश साहा, डॉ. ओमप्रकाश यादव एवं डॉ. तापस मंडल शामिल थे.
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ कार्यक्रम का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की समय रहते पहचान कर उनका निःशुल्क एवं समुचित उपचार सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें स्वस्थ और बेहतर जीवन मिल सके.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





