
जामताड़ा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) जामताड़ा के 90 दिवसीय जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को जवाहर नवोदय विद्यालय. तमाजोड़ में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. लिटरेसी क्लब के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संवैधानिक अधिकारों. सामाजिक कुरीतियों और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था.


कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या प्रीति श्रीवास्तव ने की. उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तक ज्ञान देना नहीं. बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों. सामाजिक जिम्मेदारी और संवैधानिक कर्तव्यों की भावना विकसित करना भी है. उन्होंने युवाओं से जाति प्रथा. दहेज प्रथा और लैंगिक भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आगे आने का आह्वान किया.
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने जाति प्रथा और दहेज प्रथा पर आधारित प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया. नाटक के माध्यम से सामाजिक समानता. भाईचारे और भेदभाव मुक्त समाज का संदेश दिया गया. विद्यार्थियों की प्रस्तुति को उपस्थित शिक्षकों और अतिथियों ने खूब सराहा.
मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव पवन कुमार ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है और किसी भी प्रकार का जातिगत भेदभाव कानूनन अपराध है. उन्होंने दहेज निषेध अधिनियम. बाल विवाह निषेध अधिनियम. घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम. महिला सुरक्षा कानूनों तथा निःशुल्क विधिक सहायता की विस्तृत जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से समाज में कानूनी जागरूकता फैलाने की अपील की.
एलएडीसी की अधिवक्ता सरिता बर्मन ने महिला अधिकार. बाल अधिकार. शिक्षा का अधिकार. मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों के साथ-साथ निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है.
शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न कानूनी विषयों पर प्रश्न पूछे. जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया. साथ ही उन्हें बताया गया कि अन्याय. भेदभाव या किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकार से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है.
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने जाति प्रथा. दहेज प्रथा तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों का विरोध करने और समाज में समानता. न्याय एवं संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया. इस अवसर पर विश्वजीत पाल. आनंद महतो. कार्तिक दत्ता सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





