
आदित्यपुर: सरायकेला- खरसावां जिले में बिजली व्यवस्था को लेकर विद्युत विभाग के दावों की एक बार फिर पोल खुलती नजर आई. गुरुवार आधी रात से आदित्यपुर के कुलुपटांगा फीडर की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित है, जिससे हजारों उपभोक्ता भीषण गर्मी और उमस के बीच परेशान हैं.


विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आसांगी क्षेत्र में 11 केवी लाइन का इंसुलेटर पंचर हो गया, जिसके कारण बिजली का तार टूटकर नीचे गिर गया और उसमें आग लग गई. विभाग का दावा है कि मरम्मत कार्य जारी है, लेकिन बिजली कब तक बहाल होगी, इसका स्पष्ट जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं है. वहीं, कई इलाकों से लो-वोल्टेज की शिकायतें भी लगातार मिल रही हैं.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि हर बार बड़ा फॉल्ट कुलुपटांगा फीडर में ही क्यों होता है. हल्की बारिश या मामूली आंधी आते ही इस फीडर की बिजली घंटों और कई बार पूरे दिन के लिए ठप हो जाती है. उपभोक्ताओं का आरोप है कि यदि एक बार बिजली चली जाए तो उसके 12, 14 या 24 घंटे बाद लौटने की कोई गारंटी नहीं रहती.
ऐसे में मेंटेनेंस के नाम पर हर साल खर्च होने वाली राशि पर भी सवाल उठ रहे हैं. पिछले तीन-चार वर्षों से आदित्यपुर समेत जिले के कई हिस्सों में अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य चल रहा है, लेकिन कुलुपटांगा फीडर के उपभोक्ताओं को इसका कोई ठोस लाभ मिलता नहीं दिख रहा. ऐसे में यह भी जांच का विषय बन गया है कि इस परियोजना पर हुए खर्च का वास्तविक प्रभाव आखिर कहां दिखाई दे रहा है.
उपभोक्ताओं के निशाने पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी है. लोगों का कहना है कि समय-समय पर जनप्रतिनिधि विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्याओं के समाधान का दावा करते हैं और तस्वीरें भी सामने आती हैं, लेकिन जमीनी स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखता. नतीजा हर बार वही “ढाक के तीन पात” साबित हो रहा है.
बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि वे हर महीने समय पर बिल का भुगतान करते हैं, लेकिन बदले में उन्हें नियमित बिजली नहीं मिल रही. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद अब लोग स्थायी समाधान और बिजली व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं.
Edited By Sarita





