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जामताड़ा: जिले के रक्त विकारों से पीड़ित मरीजों के लिए मंगलवार का दिन राहत लेकर आया. झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने जामताड़ा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया एवं हीमोफीलिया डे-केयर सेंटर का उद्घाटन किया. इस नई स्वास्थ्य सुविधा के शुरू होने से अब जिले के मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों या जिलों का रुख नहीं करना पड़ेगा.
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि जामताड़ा भले ही छोटा जिला हो, लेकिन यहां की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि हीमोफीलिया एक जन्मजात बीमारी है, जबकि थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के बेहतर उपचार के लिए सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है.
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स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए 15 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी मरीज के इलाज में बाधा न बने.
उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि डे-केयर सेंटर की स्थापना से जिले के मरीजों को अब इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. सदर अस्पताल में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में नियमित उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी. इससे मरीजों का समय और आर्थिक खर्च दोनों की बचत होगी.
सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा ने कहा कि थैलेसीमिया और हीमोफीलिया दोनों गंभीर रक्त संबंधी बीमारियां हैं, जिनमें लगातार निगरानी और नियमित उपचार आवश्यक होता है. उन्होंने कहा कि जामताड़ा सदर अस्पताल में डे-केयर सेंटर की शुरुआत जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है. अब मरीजों को नियमित जांच, चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगी, जिससे समय पर इलाज सुनिश्चित हो सकेगा.
इस अवसर पर उपायुक्त आलोक कुमार, उप विकास आयुक्त असीम केस्पोट्टा, सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी, चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.