
सरायकेला: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को जिला आयुष समिति, सरायकेला- खरसावां के तत्वावधान में सरायकेला इंडोर स्टेडियम में जिला स्तरीय योग कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, विधायक प्रतिनिधि सनंद आचार्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे. योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में योगाभ्यास कराया गया और योग के महत्व पर प्रकाश डाला गया.


लेकिन जिस भव्यता, उत्साह और जनभागीदारी की उम्मीद अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजन से की जाती है, वह जिला मुख्यालय में कहीं नजर नहीं आई. कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में खाली कुर्सियां दिखाई दीं, जबकि आम लोगों की उपस्थिति बेहद कम रही. इससे आयोजन की तैयारियों, प्रचार- प्रसार और विभागीय समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े हो गए.

स्थानीय लोगों का कहना है कि योग दिवस कार्यक्रम की सूचना आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई ही नहीं गई. न व्यापक प्रचार- प्रसार हुआ, न माइकिंग की गई और न ही वार्डों, पंचायतों, स्कूलों, कॉलेजों तथा सामाजिक संगठनों को पर्याप्त रूप से जोड़ा गया. कई लोगों ने बताया कि उन्हें कार्यक्रम की जानकारी ही समय पर नहीं मिली.
सबसे अधिक चर्चा जिले के शीर्ष अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर रही. जिला स्तरीय कार्यक्रम होने के बावजूद उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम से नदारद रहे. लोगों का कहना था कि जब जिले के सर्वोच्च अधिकारी ही ऐसे आयोजनों में शामिल नहीं होंगे तो आम जनता के बीच उसका संदेश और महत्व स्वतः कमजोर पड़ जाएगा.
स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि सरकार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को जन आंदोलन बनाने का दावा करती है, लेकिन जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम ही अपेक्षित भीड़ और प्रशासनिक भागीदारी जुटाने में असफल रहा. ऐसे में सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर साफ दिखाई देता है.
लोगों का मानना है कि यदि जिला प्रशासन पहले से व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाता, सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, माइकिंग, स्कूल- कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों के माध्यम से लोगों को जोड़ता, तो कार्यक्रम में हजारों लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती थी. साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बनाती.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का आधार है. नियमित योग करने से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं. उन्होंने सभी लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने और इसके लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील की.
हालांकि मंच से योग के महत्व का संदेश दिया गया, लेकिन कार्यक्रम में खाली कुर्सियां, कमजोर जनभागीदारी और शीर्ष अधिकारियों की अनुपस्थिति पूरे आयोजन पर भारी पड़ती नजर आई. जिला मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या ऐसे आयोजन केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं, या वास्तव में इन्हें जन- जन तक पहुंचाने की गंभीर कोशिश की जा रही है.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह


