
चांडिल: चौका क्षेत्र में शनिवार शाम आई तेज आंधी और हवाओं ने औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया। अचानक बदले मौसम के साथ उठी भारी धूल ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कुछ समय के लिए दृश्यता प्रभावित हो गई और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोगों को मजबूरी में अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद करनी पड़ीं।


स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में संचालित कोयला और लौह आधारित औद्योगिक इकाइयों के आसपास बड़ी मात्रा में महीन धूल और कण लंबे समय से जमा हो रहे हैं। तेज हवाओं के चलते यही धूल उड़कर सीधे आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच रही है, जिससे पूरा वातावरण धूलमय हो जाता है। शाम के समय कई गांवों और बाजारों में धूल की मोटी परत छा गई, जिससे लोगों को सांस लेने और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति अब सामान्य होती जा रही है। तेज हवा चलने पर घरों के आंगन, छतों और दुकानों के अंदर तक धूल जमा हो जाती है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि उद्योगों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपाय पर्याप्त नहीं हैं, जिसके कारण आम जनता लगातार परेशान हो रही है।
इस समस्या का असर अब कृषि कार्यों पर भी दिखाई देने लगा है। किसानों का कहना है कि खेतों में लगी सब्जियों और अन्य फसलों पर लगातार धूल जमने से उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में उत्पादन में गिरावट की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही नियमित निरीक्षण कर प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि तेज हवा या आंधी के दौरान धूल आबादी वाले क्षेत्रों तक न पहुंचे और लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।
रिपोर्ट: विकास ठाकुर


