सरायकेला: ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर में आगामी रथ यात्रा और धार्मिक आयोजनों को और अधिक भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. रविवार रात मंदिर परिसर में आयोजित श्री जगन्नाथ सेवा समिति की अहम बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया. बैठक की अध्यक्षता निवर्तमान अध्यक्ष राजा सिंहदेव ने की.


समिति का वर्तमान कार्यकाल समाप्त होने के बाद सर्वसम्मति से पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर अगले तीन वर्षों के लिए नई टीम का गठन किया गया. बैठक में राजेंद्र महांती उर्फ लिपू महांती को समिति का नया अध्यक्ष चुना गया, जबकि शंकर सतपथी को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई. नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही मंदिर परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला.
नई समिति में सुदीप पटनायक और गोलक बिहारी त्रिपाठी को उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं रूपेश महापात्र एवं पवन कवि को सह सचिव, दीपेश रथ को कोषाध्यक्ष तथा आकाश कर को सह कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. धार्मिक अनुष्ठानों के संचालन के लिए ब्रह्मानंद महापात्र को मुख्य पुजारी और सत्यकिंकर (सानु) आचार्य को सहयोगी पुजारी नियुक्त किया गया है. महाप्रसाद व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रदीप (अईठू) कर को सौंपी गई है.
मंदिर के विकास और संचालन में अनुभवी लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत मार्गदर्शक मंडली का भी गठन किया गया है. इसमें समाज और मंदिर से जुड़े कई वरिष्ठ एवं अनुभवी लोगों को शामिल किया गया है, जो समिति को मार्गदर्शन देंगे.
बैठक के दौरान निवर्तमान समिति ने अपने कार्यकाल का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया और मंदिर में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी. समिति ने बताया कि पिछले कार्यकाल में ऐतिहासिक नए रथ का निर्माण, मंदिर का जीर्णोद्धार, रंग-रोगन, गुंबद पर नई पताका की स्थापना, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के लिए नए मुकुट, पूर्वी द्वार का निर्माण, बिजली और पेयजल व्यवस्था का विस्तार, रसोईघर के संसाधनों में वृद्धि, जगन्नाथ भवन मैदान की चारदीवारी और समिति कार्यालय के सौंदर्यीकरण जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए.
समिति ने यह भी बताया कि पिछले वर्षों में आयोजित सभी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम जनसहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुए. इस अवसर पर मंदिर के विकास में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं, दानदाताओं और सामाजिक संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया.
नवनिर्वाचित अध्यक्ष लिपू महांती ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की सेवा, मंदिर की धार्मिक परंपराओं की रक्षा और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. वहीं सचिव शंकर सतपथी ने भरोसा दिलाया कि नई टीम पारदर्शिता, समर्पण और जनसहभागिता के साथ मंदिर के विकास और व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाएगी.
रथ यात्रा से पहले गठित नई समिति को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है. लोगों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में सरायकेला का श्री जगन्नाथ मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का और अधिक सशक्त केंद्र बनकर उभरेगा.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह



