गम्हरिया: सरायकेला- खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड परिसर में रविवार को झारखंड राज्य राजस्व उप निरीक्षक संघ के बैनर तले उप राजस्व निरीक्षकों ने बैठक कर जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई. इसमें जिले के सभी नौ प्रखंडो के उप राजस्व निरीक्षक शामिल हुए. देखते ही देखते बैठक प्रदर्शन में बदल गई और कर्मचारियों ने लंबित भुगतान को लेकर प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया.


संघ के सदस्यों ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर कृषि गणना कार्य के तहत विभिन्न गांवों में व्यापक सर्वेक्षण और गणना का कार्य कराया गया था. कार्य पूर्ण होने के बाद रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी गई, जिसे विभाग द्वारा स्वीकार भी कर लिया गया. इसके बावजूद प्रथम चरण के कृषि गणना कार्य का भुगतान आज तक नहीं किया गया है.
उप राजस्व निरीक्षक मुरारी महतो ने कहा कि कई वर्षों से भुगतान लंबित है. स्थिति यह है कि जिन कर्मचारियों ने गणना कार्य किया था, उनमें से कुछ सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक मेहनताना नहीं मिला है. उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार आग्रह के बावजूद जिला प्रशासन इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा है.
कर्मचारियों का कहना है कि भुगतान नहीं मिलने के कारण कई लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है. संघ ने निर्णय लिया है कि जल्द ही एक बार फिर सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर लंबित भुगतान की मांग की जाएगी.
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है. उन्होंने प्रशासन से अविलंब बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की.
बैठक एवं प्रदर्शन में सत्येंद्र प्रसाद, अमित सरदार, सर्वोत्तम कुमार, सोमचांद टुडू, जगन्नाथ साहू, प्रकाश हेंब्रम, सेवानिवृत्त कर्मचारी विनय सिंह, मनभोला तिवारी सहित बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे.



