जमशेदपुर: मानगो क्षेत्र स्थित शिव कुमार अस्थाली, ब्लॉक-B, एनएच-33 स्थित मारुति सुजुकी शोरूम के पास बुधवार को एक बेहद दुखद घटना सामने आई. लोगों ने डर और अज्ञानता के कारण एक गैर-जहरीले सांप कॉमन सैंड बोआ को मार डाला. घटना के बाद वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरण से जुड़े लोगों में नाराजगी देखी जा रही है.

जानकारों के अनुसार कॉमन सैंड बोआ इंसानों के लिए खतरनाक नहीं होता है और यह भारत के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित प्रजातियों में शामिल है. ऐसे वन्यजीवों को मारना कानूनन अपराध माना जाता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि सांप दिखाई देने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बिना सही जानकारी के लोगों ने उसे जहरीला समझ लिया. इसी डर में सांप को मार दिया गया. बाद में वन्यजीवों की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि वह सांप पूरी तरह गैर-जहरीला था और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता.
वन्यजीव संरक्षण से जुड़े चंदन पाठक ने अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में सांप दिखाई दे तो उसे मारने के बजाय तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यूअर को सूचना दी जानी चाहिए, ताकि सुरक्षित तरीके से उसका रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा जा सके.
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार जागरूकता की कमी और गलत धारणाओं के कारण हर साल बड़ी संख्या में निर्दोष सांपों की जान चली जाती है. जबकि सांप पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. वे चूहों जैसे हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. वन्यजीव प्रेमियों ने लोगों से अपील की है कि अफवाह और डर के आधार पर किसी भी वन्यजीव को नुकसान न पहुंचाएं और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक बनें.



