Jharkhand Ex CM Arjun Munda Allegation चाईबासा: परिसदन में उपेक्षा से आहत दिखे पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा, फेसबुक पोस्ट में जिला प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए सवाल
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चाईबासा: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके अर्जुन मुंडा ने चाईबासा जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए प्रशासनिक व्यवहार को लेकर नाराजगी और पीड़ा व्यक्त की है.
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अर्जुन मुंडा ने लिखा कि वर्तमान में वे न तो विधायक हैं, न सांसद और न ही मंत्री, लेकिन वे झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री तथा भारत सरकार में मंत्री जैसे संवैधानिक पदों पर रह चुके हैं. उन्होंने बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत उनका चाईबासा परिसदन में रात्रि विश्राम हुआ, लेकिन इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा सामान्य शिष्टाचार और आवश्यक औपचारिकताओं तक का निर्वहन नहीं किया गया. पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे अत्यंत खेदजनक और चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह स्थिति प्रशासनिक शिष्टाचार एवं अनुभव की कमी, प्रशासनिक अकड़ अथवा राज्य सरकार के लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक मर्यादाओं के प्रति उदासीनता को दर्शाती है.
उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी उल्लेख किया कि पहले प्रशासनिक व्यवस्था में एक स्वस्थ परंपरा रही है, जिसमें जिले में आने वाले सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के साथ स्थानीय परिस्थितियों, विकास कार्यों और जनसरोकारों पर संवाद स्थापित किया जाता था. अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह केवल औपचारिकता नहीं होती थी, बल्कि इससे प्रशासन की सकारात्मक कार्यसंस्कृति, संवादशीलता और जिले की गरिमा भी झलकती थी.
अर्जुन मुंडा ने पश्चिम सिंहभूम जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण जनजातीय बहुल जिला है, जिसकी अपनी विशिष्ट सामाजिक और ऐतिहासिक विरासत रही है. ऐसे जिले में प्रशासन का इस प्रकार का व्यवहार निश्चित रूप से गंभीर चिंतन का विषय है.
पूर्व मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. हालांकि इस मामले में अब तक जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.