आदित्यपुर: औद्योगिक क्षेत्र स्थित जेएमटी यूनिट-2, जिसे अब आरकेएफएल ग्रुप संचालित कर रहा है, वहां कामगारों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. धरना- प्रदर्शन के पांचवें दिन शनिवार को उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब आंदोलनरत कामगारों और कंपनी प्रबंधन के अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. विवाद उस समय शुरू हुआ जब आंदोलनकारी मजदूर कंपनी गेट के सामने टेंट लगाने का प्रयास कर रहे थे.

कामगारों का आरोप है कि प्रबंधन ने टेंट लगाने का विरोध किया और इस दौरान अधिकारियों द्वारा आंदोलनरत मजदूरों एवं उनकी पत्नियों के साथ बदसलूकी की गई. घटना के बाद कुछ देर के लिए माहौल काफी गर्म हो गया. आंदोलनकारी मजदूरों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने मामले की जानकारी फोन के माध्यम से उच्च अधिकारियों को दी तो वहां से भी उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई. मजदूरों का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर भी उन्हें धमकाने का प्रयास किया गया.
धरनास्थल पर मौजूद कामगारों ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि ऊपर से लेकर नीचे तक कई अधिकारी और श्रम विभाग कंपनी प्रबंधन के प्रभाव में काम कर रहे हैं. मजदूरों ने चेतावनी देते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान यदि किसी कामगार के साथ कोई घटना या दुर्घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आरकेएफएल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की होगी.
बताया जा रहा है कि जेएमटी का आरकेएफएल ग्रुप में विलय हुए करीब दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पूर्व जेएमटी कर्मियों का समायोजन और फाइनल सेटलमेंट नहीं किया गया है. कामगार लगातार आरकेएफएल में समायोजन और बकाया भुगतान की मांग कर रहे हैं. मजदूरों का कहना है कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर हर स्तर पर आवाज उठाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला.
मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि श्रमिकों की नगरी कहलाने वाले आदित्यपुर में ही मजदूरों का शोषण हो रहा है, जबकि श्रमिक हितों की बात करने वाले यूनियन और संबंधित विभाग चुप्पी साधे हुए हैं. आंदोलनकारी कामगारों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं.



