सरायकेला: टाटा- सरायकेला मार्ग पर बस संचालकों और मैक्सी- मैजिक वाहन मालिकों के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है. शनिवार को बस ओनरों ने जिला परिवहन पदाधिकारी गिरजा शंकर महतो को ज्ञापन सौंपकर मैक्सी और मैजिक वाहन संचालकों पर गुंडागर्दी, अवैध संचालन और बस कर्मियों के साथ मारपीट का आरोप लगाया.

बस मालिकों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो किसी दिन बड़ा संघर्ष या गंभीर हादसा हो सकता है. शनिवार को बस ओनरों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला परिवहन कार्यालय पहुंचा और जिला परिवहन पदाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी. ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि टाटा- सरायकेला रूट पर अवैध रूप से चल रही मैक्सी, मैजिक और मैक्सिमो गाड़ियां बस व्यवसाय को प्रभावित कर रही हैं.
बस संचालकों का कहना है कि जिले में छोटे व्यावसायिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन सबसे ज्यादा अराजक स्थिति टाटा- सरायकेला मार्ग पर देखने को मिल रही है. उन्होंने दावा किया कि इस रूट पर करीब 70 प्रतिशत मैक्सी- मैजिक वाहन संचालित हो रहे हैं और इनके चालक व मालिक बस कर्मियों के साथ लगातार अभद्र व्यवहार कर रहे हैं.
बस मालिकों ने आरोप लगाया कि ये वाहन चालक बसों के आगे गाड़ी लगाकर सवारियां छीनते हैं. विरोध करने पर बस चालकों और कंडक्टरों को धमकाया जाता है और कई बार मारपीट की नौबत तक आ जाती है. ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि इस मार्ग पर चल रही लगभग 90 प्रतिशत छोटी व्यावसायिक गाड़ियों के कागजात सही नहीं हैं. कई वाहन कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे सड़क पर चल रहे हैं. वहीं करीब 50 प्रतिशत चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं होने का दावा किया गया है.
बस संचालकों ने कहा कि उनके पास वैध परमिट, टैक्स और सभी जरूरी कागजात मौजूद हैं, इसके बावजूद उन्हें परेशान किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन मालिक खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं. बस ओनरों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि आए दिन सड़क पर विवाद की स्थिति बन रही है. यात्रियों के सामने गाली- गलौज और धक्का- मुक्की की घटनाएं हो रही हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी गिरजा शंकर महतो ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि बस ओनरों और टैक्सी- मैक्सी संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाकर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि बैठक में समाधान नहीं निकलता है तो परिवहन विभाग विशेष अभियान चलाकर मैक्सी और टैक्सी वाहनों के कागजात, परमिट, फिटनेस और ड्राइविंग लाइसेंस की सघन जांच करेगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
बस संचालकों ने पूरे विवाद के पीछे एक व्यक्ति के संरक्षण होने का भी आरोप लगाया है. हालांकि उन्होंने खुलकर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन इस आरोप के बाद परिवहन विभाग और प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है. उल्लेखनीय है कि टाटा- सरायकेला मार्ग पर रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं. ऐसे में बस और छोटे वाहन संचालकों के बीच बढ़ता विवाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता का विषय बन गया है.
Report By Pramod Singh



