सरायकेला: जिले में पुलिस प्रशासन लगातार जनता के बीच पहुंचकर कानून व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों को जागरूक करने में जुटा हुआ है. शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के निर्देशानुसार सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार की अध्यक्षता में नुवागांव पंचायत सभागार में जन- जागरूकता एवं जनसमस्या समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में पंचायत के स्थानीय मुखिया, जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को खुलकर पुलिस प्रशासन के समक्ष रखा. इनमें गांव में बढ़ती छोटी- मोटी आपराधिक घटनाएं, सड़क सुरक्षा, साइबर ठगी, आपसी विवाद तथा असामाजिक तत्वों की गतिविधियों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे. थाना प्रभारी विनय कुमार ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया, जबकि अन्य मामलों के त्वरित निष्पादन का भरोसा दिलाया.
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को विशेष रूप से डायन प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूक किया. उन्होंने कहा कि अंधविश्वास और अफवाहों के कारण कई बार निर्दोष लोगों को प्रताड़ित किया जाता है, जो कानूनन अपराध है. किसी भी व्यक्ति को डायन बताकर प्रताड़ित करना या सामाजिक रूप से बहिष्कृत करना गंभीर दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी.

इसके अलावा बच्चा चोरी की अफवाहों को लेकर भी ग्रामीणों को सतर्क किया गया. थाना प्रभारी ने कहा कि सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें. किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि पुलिस प्रशासन से करें, ताकि अफवाहों के कारण किसी निर्दोष के साथ गलत घटना न हो. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि कानून अपने हाथ में लेने की बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें.
साइबर अपराध को लेकर भी लोगों को विस्तार से जानकारी दी गई. ग्रामीणों को बताया गया कि ऑनलाइन ठगी करने वाले अपराधी बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी बनकर लोगों से ओटीपी, बैंक डिटेल और आधार संबंधी जानकारी मांगते हैं. थाना प्रभारी ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को मोबाइल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाना से संपर्क करें.
बैठक में ट्रैफिक नियमों के पालन पर भी विशेष जोर दिया गया. दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने तथा नाबालिगों को वाहन नहीं चलाने देने की हिदायत दी गई. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकतर मौतें लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं, इसलिए हर व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक बनकर नियमों का पालन करना चाहिए.
थाना प्रभारी विनय कुमार ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना हमारी प्राथमिकता है. गांव- गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनना और उन्हें जागरूक करना पुलिस की जिम्मेदारी है. डायन प्रथा, बच्चा चोरी की अफवाह और साइबर अपराध जैसी घटनाएं समाज के लिए बेहद खतरनाक हैं. आम लोगों की जागरूकता से ही इन अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है. सरायकेला पुलिस हर परिस्थिति में जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम गांवों में लगातार आयोजित होने चाहिए, ताकि लोगों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़े और समाज में शांति एवं सौहार्द कायम रहे.
Report By Pramod Singh

