जामताड़ा/ Manish Baranwal सदर अस्पताल में सोमवार को कथित चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां गर्भ में ही एक नवजात की मौत हो जाने से इलाके में हड़कंप मच गया. घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

मृतक नवजात के पिता सुबल गोराई, निवासी नीलदाहा गांव, ने बताया कि उनकी पत्नी अष्टमी गोराई की डिलीवरी की तिथि 22 अप्रैल निर्धारित थी. प्रसव पीड़ा नहीं होने पर वे 25 अप्रैल को पत्नी को सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया कि अभी समय नहीं हुआ है. परिजनों का आरोप है कि इस दौरान सोनोग्राफी कराने की उनकी मांग को भी नजरअंदाज कर दिया गया.
परिजनों के अनुसार, घर लौटने के कुछ ही घंटों बाद महिला को तेज दर्द शुरू हुआ, जिसके बाद वे तुरंत दोबारा अस्पताल पहुंचे. इस बार डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि गर्भ में ही बच्चे की मौत हो चुकी है. परिजनों का कहना है कि यदि समय पर सही जांच और इलाज किया जाता, तो इस दर्दनाक घटना को टाला जा सकता था.
मामले को लेकर सुबल गोराई ने सिविल सर्जन डॉ. शिवप्रसाद मिश्रा को लिखित शिकायत सौंप दी है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सिविल सर्जन ने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस घटना के बाद सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. वहीं परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद जता रहे हैं.

