जमशेदपुर/ Afroz Mallik शहर के प्रख्यात शिक्षाविद, विख्यात साहित्यकार और विचारशील चिंतक डॉ. अहमद सज्जाद के निधन पर शोक की लहर दौड़ गई है. राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे शिक्षा और साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है.

अपने शोक संदेश में हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि डॉ. अहमद सज्जाद केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक युग, एक परंपरा और प्रगतिशील विचारधारा के प्रतीक थे. उनकी शख्सियत में ज्ञान की गरिमा, साहित्य की गहराई और चरित्र की सच्चाई झलकती थी. उन्होंने कहा कि डॉ. अहमद सज्जाद ने अपना पूरा जीवन उर्दू भाषा और साहित्य की सेवा में समर्पित कर दिया. अपनी रचनाओं के माध्यम से उन्होंने समाज में जागरूकता और बौद्धिक चेतना का विस्तार किया. उनकी शैक्षिक उपलब्धियां, शोध कार्य और साहित्यिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनी रहेंगी.
अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष ने यह भी कहा कि दिवंगत का व्यक्तित्व सादगी, ईमानदारी और बौद्धिक गरिमा का अद्भुत संगम था. वे युवाओं के लिए मार्गदर्शक और साहित्य प्रेमियों के लिए प्रेरणा स्रोत थे. उनकी उपस्थिति से साहित्यिक सभाएं और भी सार्थक हो जाती थीं.
उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि डॉ. अहमद सज्जाद के निधन से जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसे भर पाना आसान नहीं है. उन्होंने परिजनों और शुभचिंतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अल्लाह से दुआ की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दें.

