सरायकेला: विधानसभा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को लेकर अब बड़ा कदम उठाया गया है. लंबे समय से चल रही समस्याओं के बीच एक महीने की सख्त डेडलाइन ने लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं. पूर्व मुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक चंपई सोरेन के निर्देश पर बिजली विभाग को स्पष्ट आदेश दिया गया है कि आरडीएसएस, मुजी और पीवीजीटी के तहत चल रहे सभी अपूर्ण कार्यों को एक महीने के भीतर पूरा किया जाए.

यह निर्देश सरायकेला विधानसभा क्षेत्र के 56 पंचायत, आदित्यपुर नगर निगम और सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र के लिए दिया गया है. खास तौर पर सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र में फ्यूज कॉल की समस्या को दूर करने के लिए बड़ा बदलाव किया गया है. अब पूरे फीडर को बंद करने के बजाय उसे दो हिस्सों में बांटा जाएगा. इसमें लगभग 60 प्रतिशत व्यवसायिक और 40 प्रतिशत घरेलू क्षेत्र की सप्लाई लाइन को अलग- अलग किया जाएगा, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी और फ्यूज कॉल को जल्दी अटेंड किया जा सकेगा.
इसके साथ ही वर्षों से ट्रांसफार्मर आधारित अंडरलोड डिस्ट्रीब्यूशन की समस्या को सुधारने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि बिजली आपूर्ति और अधिक सुचारू हो सके. निर्देश में यह भी कहा गया है कि बिजली विभाग को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी बनाते हुए काम किया जाए.
उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 1 किलोवाट से लेकर 25 किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन की दर को सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी या भ्रम का सामना न करना पड़े. इसकी जानकारी विधायक प्रतिनिधि सनद कुमार आचार्य ने दी. अब देखना यह होगा कि एक महीने की इस समय सीमा में विभाग कितना बदलाव ला पाता है और क्या वाकई लोगों को बेहतर बिजली व्यवस्था का लाभ मिल पाता है.

