जमशेदपुर: नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में 16 से 23 फरवरी तक “शिक्षण उत्कृष्टता: स्मार्ट कक्षाओं से डेटा- आधारित अनुसंधान तक” विषय पर सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, एआई तकनीकों और शोध उन्मुख दृष्टिकोण से सशक्त बनाना था.

कार्यक्रम का आयोजन भौतिकी एवं भूगोल विभाग द्वारा रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल तथा आईक्यूएसी के सहयोग से किया गया. विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी कर स्मार्ट क्लासरूम, एआई आधारित मूल्यांकन, डेटा विश्लेषण और आईसीटी टूल्स के उपयोग की जानकारी प्राप्त की.
सत्रों में एनआईटी जमशेदपुर के डॉ. एमए. हसन, डॉ. रत्नेश सिंह, सुमित कुमार, विकास कुमार और परीक्षा नियंत्रक प्रो. मो. मोजिब अशरफ ने एआई, विजुअल मीडिया, एलएमएस और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली पर विस्तृत व्याख्यान दिया.
कार्यक्रम कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि के मार्गदर्शन, कुलसचिव नागेंद्र सिंह के सहयोग और कुलाधिपति मदन मोहन सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुआ. वक्ताओं ने कहा कि एआई और आईसीटी का समावेश शिक्षा को नई दिशा दे रहा है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए निरंतर नवाचार आवश्यक है.
समापन के अवसर पर विभागाध्यक्षों ने धन्यवाद ज्ञापन दिया. सात दिवसीय यह कार्यक्रम शिक्षकों के लिए उपयोगी सिद्ध हुआ और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया.

