सरायकेला/ Pramod Singh

आगामी नगर चुनाव को लेकर सरायकेला की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव ने अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में उतरने की आधिकारिक घोषणा कर दी है. वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करेंगे. राज
पैलेस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि वे जनता की मांग पर चुनाव लड़ रहे हैं और खुद को किसी दल का नहीं बल्कि जनता का प्रत्याशी मानते हैं.
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे निर्दलीय हैं और रहेंगे. यदि कोई राजनीतिक दल समर्थन देता है तो यह उसका अपना निर्णय होगा. कांग्रेस के समर्थन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र का विकास और जनसेवा है. राजनीति उनके लिए सेवा का माध्यम है, न कि पद की लालसा. उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में नगर क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए गए. जरूरतमंदों को आवास उपलब्ध कराया गया और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम हुआ.
इसी बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. कांग्रेस पार्टी ने इस सीट पर अपना प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला किया है. जिला इकाई की ओर से जारी विज्ञप्ति में राजा साहब को बाहरी समर्थन देने की घोषणा की गई है. इस फैसले से चुनावी समीकरण में नया मोड़ आ गया है. स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजा साहब की व्यक्तिगत लोकप्रियता और कांग्रेस के कैडर वोट का साथ मुकाबले को त्रिकोणीय से सीधा बना सकता है. इससे चुनाव और रोचक हो गया है. बैठक के दौरान उनकी पत्नी अरुणा सिंहदेव भी मौजूद रहीं. अब सभी की नजर नामांकन प्रक्रिया और आगे की रणनीति पर टिकी है.

