चांडिल: प्रखंड के हारुडीह में सार्वजनिक सरस्वती पूजा मेला समिति द्वारा सरस्वती पूजा के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय ऐतिहासिक मेले के चौथे दिन बुधवार को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के झारग्राम की विख्यात झूमर शिल्पी तपती महतो ने अपनी सुमधुर प्रस्तुति से समां बांध दिया. उनकी झूमर गायन पर दर्शक देर तक झूमते रहे.

बुधवार को ईचागढ़ की विधायक सविता महतो भी मेले में शामिल हुईं. उन्होंने सरस्वती मंदिर में माथा टेककर क्षेत्र की सुख- समृद्धि की कामना की. इस अवसर पर विधायक ने कहा कि सरस्वती पूजा और ऐसे सांस्कृतिक मेले हमारी परंपरा, कला और लोकसंस्कृति को जीवित रखने का कार्य करते हैं. झूमर जैसे लोकनृत्य और लोकगान नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं.
विधायक सविता महतो ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि हारुडीह का यह ऐतिहासिक मेला सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है. उन्होंने झूमर कलाकार तपती महतो की प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि लोक कलाकारों को मंच देना समाज की जिम्मेदारी है, ताकि उनकी कला को उचित पहचान मिल सके. गौरतलब है कि हारुडीह में वर्ष 1911 से सरस्वती मेला का आयोजन निरंतर होता आ रहा है. कार्यक्रम में झामुमो केंद्रीय सदस्य चारु चांद किस्कू, ओम प्रकाश लायेक, काबलु महतो, अरुण टुडू, लक्ष्मीकांत महतो, शंकर लायेक, बादल महतो, राहुल वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं दर्शक उपस्थित रहे.

