चतरा: जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित प्रमोद कुमार हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है. जिस मामले को शुरुआत में प्रेम प्रसंग और निजी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा था, उसकी असली वजह अवैध हथियारों का सौदा निकली. पुलिस जांच में सामने आया है कि हथियार उपलब्ध कराने के नाम पर 40 हजार रुपये एडवांस लेने के बाद वादा पूरा नहीं करने पर प्रमोद को उसके ही करीबी दोस्तों ने मौत के घाट उतार दिया था.


गड़िया गांव निवासी प्रमोद कुमार के लापता होने के बाद उसके पिता ने राजपुर थाना में अपहरण का मामला दर्ज कराया था. पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी. इसी दौरान गड़िया पुल के समीप नदी की बालू में दबा एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान प्रमोद कुमार के रूप में हुई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन किया गया. जांच के दौरान पुलिस ने प्रमोद के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों की गहन पड़ताल की. शुरुआत में प्रेम प्रसंग के एंगल पर भी जांच हुई, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना तंत्र से मिले सुरागों ने पूरी कहानी बदल दी.
गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि प्रमोद ने अपने कुछ दोस्तों से अवैध हथियार उपलब्ध कराने के नाम पर करीब 40 हजार रुपये लिए थे. आरोपियों की योजना हथियार लेकर किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की थी. लेकिन रुपये लेने के बाद भी प्रमोद हथियार उपलब्ध नहीं करा रहा था. इसी बात को लेकर दोस्तों के बीच विवाद बढ़ता गया.
जांच में यह भी सामने आया कि प्रमोद ने मिले पैसों से एक आईफोन खरीद लिया था. इससे आरोपी और नाराज हो गए. जब उन्हें लगा कि न तो हथियार मिलेगा और न ही पैसे वापस होंगे, तब उन्होंने प्रमोद की हत्या की साजिश रच डाली.
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले प्रमोद की हत्या की और फिर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को नदी की बालू में गाड़ दिया. हालांकि पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार छापेमारी के बाद मामले का खुलासा कर दिया.
इस मामले में पुलिस ने पथेल गांव निवासी सुनील कुमार (पिता- बैजनाथ) और सुनील कुमार (पिता- विकास सिंह भोगता) को गिरफ्तार किया है. वहीं एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है.
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त गमछा, रस्सी का टुकड़ा, मृतक का मोबाइल फोन, तीन अन्य मोबाइल तथा घटना से जुड़े सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं.
एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि मामले में कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है. पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही है.
इस खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि जिस हत्या को लोग प्रेम प्रसंग से जोड़कर देख रहे थे, उसके पीछे अवैध हथियारों के सौदे और पैसों का विवाद था. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
Edited By Sarita Mahato

