रांची: झारखंड निकाय चुनाव 2026 में पार्षद पद का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट नियम और कानूनी प्रावधान तय किए हैं. नामांकन से लेकर मतदान और व्यय लेखा तक हर चरण में निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है. नियमों की अनदेखी करने पर नामांकन रद्द होने या कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है.

नामांकन प्रक्रिया और तिथियां
नामांकन 29 जनवरी से 4 फरवरी 2026 तक निर्धारित समयावधि में संबंधित निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष किया जाएगा. 5 फरवरी को नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी. 6 फरवरी तक नाम वापसी की जा सकेगी. 7 फरवरी को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे.
नामांकन के साथ आवश्यक दस्तावेज
प्रत्याशी को प्रपत्र-24 में शपथ पत्र देना अनिवार्य है. सभी कॉलम स्पष्ट रूप से भरे होने चाहिए. शपथ पत्र शपथ आयुक्त या नोटरी से सत्यापित होना चाहिए. यदि सीट आरक्षित है तो संबंधित जाति प्रमाण पत्र की अभिप्रमाणित प्रति संलग्न करनी होगी. नामांकन शुल्क की रसीद संलग्न करना आवश्यक है.
मतदाता सूची के संबंधित अंश की सत्यापित प्रति देनी होगी.
चुनाव व्यय के लिए अलग से बैंक खाता खोलकर उसका विवरण और पासबुक की प्रति जमा करनी होगी. नगर निकाय के कर बकाया नहीं होने तथा दो से अधिक संतान नहीं होने संबंधी स्वघोषणा पत्र देना होगा.
नामांकन शुल्क
पार्षद पद के लिए नामांकन शुल्क 1,000 रुपए निर्धारित किया गया है.
आचार संहिता और प्रचार नियम
चुनाव घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है. प्रत्याशी सरकारी संसाधनों का उपयोग प्रचार में नहीं कर सकते. बिना अनुमति पोस्टर, बैनर या जुलूस निकालना प्रतिबंधित है. सांप्रदायिक या भड़काऊ भाषण पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है.
चुनाव व्यय और लेखा-जोखा
प्रत्याशी को अपने चुनाव खर्च का पूरा विवरण निर्धारित रजिस्टर में दर्ज करना होगा. व्यय की अधिकतम सीमा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तय की जाती है. चुनाव के बाद निर्धारित समय में व्यय विवरण जमा करना अनिवार्य है.
अयोग्यता के प्रावधान.
यदि कोई प्रत्याशी सरकारी देनदार है, गंभीर आपराधिक मामले में दोषसिद्ध है या झूठी जानकारी देता है तो उसका नामांकन रद्द किया जा सकता है. दो से अधिक जीवित संतान होने की स्थिति में भी अयोग्यता लागू हो सकती है, जैसा कि राज्य के प्रावधानों में उल्लेखित है.
मतदान प्रक्रिया
23 फरवरी 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान कराया जाएगा. इस चुनाव में NOTA का विकल्प उपलब्ध नहीं रहेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी संभावित उम्मीदवारों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों और कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव में भाग लें.

