पटना: कांग्रेस प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी के पर्यवेक्षकों और वरिष्ठ नेताओं की गुरुवार को संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई. इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम मौजूद रहे. प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस ने बिहार सरकार की नाकामी पर आधारित पुस्तक “20 साल विनाश काल” जारी की.

प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि यह पुस्तक बिहार की विकासहीनता और प्रशासनिक विफलता का दस्तावेज है. उन्होंने दावा किया कि नीतीश सरकार ने दो दशक में बिहार को पिछड़ेपन और भ्रष्टाचार की राह पर धकेल दिया है.
पूर्व मुख्यमंत्री राजस्थान अशोक गहलोत ने कहा कि बिना गुड गवर्नेंस के विकास संभव नहीं है और नीतीश कुमार ने यह खो दिया है. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के मंत्रियों और डिप्टी सीएम पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं, फिर भी किसी ने इस्तीफा नहीं दिया. यह सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल खड़ा करता है. गहलोत ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण कार्यक्रम की स्थिति दयनीय है. पलायन आज भी बिहार की सबसे बड़ी समस्या है.
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बिहार की सरकार जनता की चुनी हुई सरकार है, परंतु वह जनता का गला घोट रही है. उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योग नहीं लग रहे, युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि बिहार में डबल इंजन नहीं, बल्कि “ट्रबल इंजन” की सरकार है. बघेल ने नीतीश कुमार की कार्यक्षमता पर भी सवाल उठाया.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि महागठबंधन के सभी दल बिहार को विनाश से बचाने के लिए कार्य कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की महिलाएं और गरीब सरकार की योजनाओं के नाम पर कर्ज और झूठे वादों के जाल में फंसाए जा रहे हैं.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि बिहार में बिना ईंधन वाला डबल इंजन चल रहा है, जिससे राज्य का विनाश हुआ है. उन्होंने कहा कि बिहार का भविष्य पलायन नहीं, बल्कि रोजगार और शिक्षा है. उन्होंने सीएजी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 25 जुलाई 2025 को विधानसभा में पेश रिपोर्ट में बिहार सरकार के 10 विभागों में 71 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ था. यह कांग्रेस नहीं, बल्कि सीएजी की रिपोर्ट थी.
रमेश ने बताया कि बिहार बेरोजगारी के आंकड़ों में सबसे ऊपर है. एक लाख की आबादी पर देश में औसतन 30 कॉलेज हैं, जबकि बिहार में केवल 7 कॉलेज हैं. उन्होंने कहा कि जातीय सर्वेक्षण का विरोध बीजेपी ने किया और बढ़े आरक्षण को न्यायालय के माध्यम से रोक दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बताएँ कि आरक्षण को संविधान की नौवीं सूची में क्यों नहीं जोड़ा गया.
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस ने एक तीन मिनट का वीडियो भी प्रदर्शित किया जिसमें नीतीश सरकार की विफलताओं को दिखाया गया. कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि अगर 2024 लोकसभा चुनाव में वोट चोरी नहीं हुई होती तो बीजेपी को 240 सीटें नहीं मिलतीं.

