खरसावां: चक्रधरपुर रेल मंडल के महालिमोरूप रेलवे स्टेशन की बदहाल स्थिति एक बार फिर चर्चा में है. रविवार को रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य छोटे राय किस्कु स्टेशन पहुंचे और यात्रियों की समस्याओं से रूबरू हुए. उन्होंने कहा कि रेलवे विभाग की अगली बैठक में वे महालिमोरूप स्टेशन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे. यह स्टेशन प्रतिदिन सैकड़ों यात्री और मालवाहक ट्रेनों की आवाजाही से रेलवे को अच्छा खासा राजस्व देता है. इसके बावजूद यहां यात्री सुविधाओं का घोर अभाव है.

श्री किस्कू ने कहा कि सबसे गंभीर समस्या अधूरे फुट ओवरब्रिज की है. फिलहाल प्लेटफॉर्म 1, 2 और 3 के लिए तो ब्रिज की व्यवस्था है, लेकिन प्लेटफॉर्म 4 के पास सातवीं और आठवीं रेललाइन को पार करने के लिए कोई पुल नहीं है. इस वजह से यात्रियों को जान जोखिम में डालकर ट्रेनों के नीचे से गुजरना पड़ता है. घंटों तक इन लाइनों पर मालगाड़ियों के खड़े रहने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. स्टेशन में कुल 18 पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव है, लेकिन एक भी एक्सप्रेस ट्रेन यहां नहीं रुकती. लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को दूसरे स्टेशन जाना पड़ता है. शौचालय की भी बेहद खराब स्थिति है. स्टेशन परिसर में कोई शौचालय नहीं है और बाहर बने शौचालय में अक्सर ताला लगा रहता है.
खासतौर पर महिला यात्रियों को भारी परेशानी होती है. पीने के पानी की व्यवस्था भी नाकाफी है. प्लेटफॉर्म दो और तीन पर एक-एक चापाकल है, जो खराब हालत में है. स्टेशन पर पर्याप्त शेड नहीं होने से बारिश में यात्री भीगने को मजबूर होते हैं. लाइट की कमी के कारण रात के समय पूरा स्टेशन अंधेरे में डूबा रहता है. वहीं, बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की कमी है, जिससे यात्रियों को ज़मीन पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है. छोटे राय किस्कु ने आश्वस्त किया है कि इन सभी मुद्दों को रेलवे विभाग के समक्ष रखा जाएगा. इस दौरान मौके पर कोंदो कुंभकार, गोविंदा नायक, हेमसागर प्रधान, श्यामसिंह मुंडरी, शैलेंद्र हो, उत्तम जायसवाल और खिरोद महतो सहित कई लोग मौजूद थे.

