चाईबासा/Jayant Pramanik एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है, जब उसका हर बच्चा सुरक्षित, सशक्त और समर्थ हो. इसी उद्देश्य को साकार करने हेतु जिला प्रशासन पश्चिम सिंहभूम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है. पश्चिम सिंहभूम जिले में सोमवार को उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला बाल संरक्षण इकाई की अध्यक्षता में मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत संचालित स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर (पालन-पोषण देखभाल योजना) तथा बाल देखरेख संस्थानों से संबंधित जिला स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई.

उपायुक्त द्वारा इन योजनाओं की वर्तमान प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई तथा सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं का लाभ यथाशीघ्र एवं पारदर्शी तरीके से लाभुक बच्चों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें.
जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि स्पॉन्सरशिप योजना के तहत पूर्व में लाभांवित 237 बच्चों को आच्छादित किया जा चुका है, वहीं 100 नए बच्चों को योजना से जोड़ने हेतु प्रक्रियात्मक कार्रवाई प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त फोस्टर केयर योजना के अंतर्गत 4 नए फोस्टर परिवारों को चयनित करते हुए कुल 15 बच्चों को जोड़ने हेतु बच्चे से परिवार के मिलान की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है. इस सराहनीय योगदान के लिए उपायुक्त के द्वारा चयनित फोस्टर परिवारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. साथ ही 14 अन्य बच्चों के लिए भी संभावित फोस्टर परिवारों से मिलान की प्रक्रिया की गई.
उपयुक्त के द्वारा फोस्टर केयर एवं आफ्टर केयर कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी और व्यापक बनाने के क्रम में निरंतर रूप से जिले एवं राज्य के बाल संरक्षण तंत्र को तकनीकी, संस्थागत और क्षमता संवर्धन सहयोग प्रदान करने हेतु यूनिसेफ, सेन्टर फॉर चाइल्ड राइट्स, NUSRL, फोस्टर केयर सोसाइटी के प्रयासों की भी सराहना की.
बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा), अनुमंडल पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई के पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, बाल कल्याण समिति के सदस्यगण एवं विभिन्न बाल देखरेख संस्थानों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे.

