सरायकेला/ Pramod Singh हूल दिवस के अवसर पर सोमवार को ग्रामीण एकता मंच की ओर से हूल विद्रोह के महानायक सिदो- कान्हू को नमन किया गया. इसके तहत ग्रामीण एकता मंच के सदस्य सरायकेला नगर क्षेत्र के सिदो- कान्हू पार्क पहुंचे. जहां पार्क में लगे सिदो- कान्हू की प्रतिमा के पास दिउरी सालखन मुर्मू अपने सहयोगी बागुन टुडू के साथ पारंपरिक रीति- रिवाज के साथ पूजा- अर्चना कर हूल के महानायक को नमन किया.

देश को गुलामी से मुक्त करने के लिए किया गया था हूल विद्रोह: जवाहरलाल महाली
जवाहरलाल महाली ने कहा कि देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करने के लिए आज ही के दिन सिदो- कान्हू द्वारा अंग्रेजों के खिलाफ हूल विद्रोह का आगाज किया गया था. उन महानायकों के त्याग और बलिदान की बदौलत आज हम स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं. नीरेन चंद्र सोरेन ने कहा कि इस वर्ष बारिश और कृषि कार्य में लोगों की व्यस्तता होने के कारण कार्यक्रम थोड़ा छोटा जरूर रहा लेकिन इसका निर्वहन पारंपरिक रीति- रिवाज के साथ किया गया. मौके पर खेलाराम मुर्मू सहित दर्जनों की संख्या में ग्रामीण एकता मंच के महिला व पुरुष सदस्य मौजूद थे.

