सरायकेला/ Pramod Singh उत्क्रमित उच्च विद्यालय कृष्णापुर में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती व भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर दोनों विभूतियों को श्रद्धा- सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया गया.

मौके पर आयोजित विशेष प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए शिक्षक विश्वजीत कुमार सतपथी ने कहा कि सरदार पटेल ने असाधारण सूझ-बूझ का परिचय देते हुए 562 देशी रियासतों का भारत में विलय कर ‘लौह पुरुष’ की उपाधि हासिल की. हैदराबाद में ‘ऑपरेशन पोलो’ चलाकर महज़ तीन दिनों में वहां के निजाम को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया और भारत में विलय के प्रस्ताव पर उससे हस्ताक्षर करवा लिए. 1991 में उन्हें मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ की उपाधि से सम्मानित किया गया. उनके सम्मान में दुनिया की सबसे ऊंची लौह प्रतिमा ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ गुजरात के सरदार सरोवर बांध के सामने नर्मदा नदी के तट पर राष्ट्र को समर्पित किया गया है. छात्रा रीतिका गोप, ज्योति मेलगांडी तथा पिंकी महतो ने उनके व्यक्तित्व पर रोशनी डाली. छात्रा दीपावली, गौरी,श्रुति,पूजा, महिमा तथा छात्र रोशन ने अपने- अपने भाषणों में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांँधी के व्यक्तित्व के विविध पहलुओं पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि बैंकों के राष्ट्रीयकरण,बांग्लादेश की मुक्ति तथा ऑपरेशन ब्लू स्टार के लिए गांँधी हमेशा याद की जाएंगी. इन विभूतियों के सम्मान में एक क्विज़ का आयोजन किया गया. शिक्षक शैलेश कुमार तिवारी ने छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई. मंच संचालन विश्वजीत कुमार सतपथी ने किया. विद्यार्थियों व शिक्षक- शिक्षिकाओं ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ में काफी उत्साहपूर्वक भाग लिया.

