चांडिल : कुडुकतुपा निवासी चंपाई मांझी नरसिंह इस्पात कंपनी में कार्य के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे. दुर्घटना में उनकी हालत अत्यंत गंभीर हो गई थी जिसके बाद इलाज के दौरान उनका एक पैर काटना पड़ा. उनका उपचार वर्तमान में टाटा मेन हॉस्पिटल टीएमएच में चल रहा है. इस मामले को लेकर शुक्रवार को बाराद्वारी स्थित कंपनी कार्यालय में पीड़ित चंपाई मांझी की पत्नी फूकमती मांझी, परिजन तथा कंपनी प्रबंधन के बीच समझौता संपन्न हुआ. बैठक में कंपनी की ओर से डायरेक्टर अजय सिंह उपस्थित रहे. इस समझौते को सफल बनाने में भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री पप्पू वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही. बैठक में गाजू मांझी, कमलाकांत उरांव, राजू उरांव सहित अन्य लोग भी मौजूद थे.


समझौते के तहत तय किया गया कि चंपाई मांझी को कुल 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. इसमें से कंपनी द्वारा आज 7 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया जबकि शेष 3 लाख रुपये की राशि एक माह के भीतर देने का आश्वासन दिया गया. इसके अलावा कंपनी ने लिखित रूप से यह भी वादा किया कि चंपाई मांझी को पेंशन उपलब्ध कराई जाएगी. उनका कृत्रिम पैर लगाने की पूरी व्यवस्था कंपनी द्वारा की जाएगी तथा स्वास्थ्य लाभ के बाद उन्हें पुनः रोजगार भी दिया जाएगा. समझौते के बाद पीड़ित की पत्नी फूकमती मांझी एवं परिजनों ने संतोष व्यक्त किया. परिजनों ने कहा कि कंपनी द्वारा दिए गए आश्वासन और लिखित समझौते से उन्हें राहत मिली है. वहीं उपस्थित लोगों ने उम्मीद जताई कि कंपनी सभी वादों को निर्धारित समय पर पूरा करेगी.
रिपोर्ट:अफरोज मलिक



