
गम्हरिया: राजद नेता अर्जुन यादव ने सुधा डेयरी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए ठेका मजदूर रवीन्द्र नाथ ठाकुर की मौत की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि प्रबंधन की लापरवाही और संवेदनहीनता के कारण एक मजदूर की जान चली गई.


अर्जुन यादव ने बताया कि 19 जून को ड्यूटी के दौरान रवीन्द्र नाथ ठाकुर की अचानक तबीयत खराब हो गई थी. आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने के बजाय सीधे उनके जगन्नाथपुर स्थित घर भेज दिया. बाद में स्थिति गंभीर होने पर परिजन उन्हें ईएसआई अस्पताल ले गए, जहां से बेहतर इलाज के लिए टीएमएच रेफर किया गया. टीएमएच में दो दिनों तक इलाज चलने के बाद आर्थिक तंगी के कारण परिजन उन्हें रिम्स रांची ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
राजद नेता ने कहा कि यदि प्रबंधन समय रहते उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराता तो रवीन्द्र नाथ ठाकुर की जान बचाई जा सकती थी. उन्होंने दावा किया कि मृतक पिछले लगभग 30 वर्षों से ठेका कर्मी के रूप में कार्यरत थे, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया.
अर्जुन यादव ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी कई ठेका कर्मियों की मौत प्रबंधन की लापरवाही, प्रताड़ना और उदासीनता के कारण हो चुकी है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से कार्यरत मजदूरों को अस्थायी स्थिति में रखना श्रमिकों के साथ अन्याय है. साथ ही पीएफ राशि में कथित गड़बड़ी समेत कई श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए.
उन्होंने झारखंड सरकार, सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. साथ ही मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
Edited By Sarita






