सरायकेला: जिले के आदित्यपुर नगर निगम अंतर्गत वार्ड संख्या 17 के हरिओम नगर रोड नंबर-5 में आवास बोर्ड द्वारा कराई जा रही जमीन घेराबंदी को लेकर विवाद गहरा गया है. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि आवास बोर्ड की ओर से कराई जा रही बाउंड्री के कारण सैकड़ों घरों के नाले का निकास पूरी तरह अवरुद्ध हो रहा है, जिससे इलाके में जलजमाव और गंदगी की समस्या उत्पन्न होने की आशंका बढ़ गई है.

मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय पार्षद नीतू शर्मा मौके पर पहुंचीं और आवास बोर्ड के अधिकारियों से तत्काल काम रोकने की मांग की. इसी दौरान आवास बोर्ड की कार्यपालक अधिकारी भी दलबल के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया. हालांकि स्थानीय लोगों और पार्षद के विरोध के बावजूद काम बंद नहीं कराया गया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बाउंड्री निर्माण के दौरान कुछ जगह नाले के निकास और साफ- सफाई के लिए छोड़ दी जाती तो सैकड़ों परिवारों को भविष्य में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता. लोगों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को नजरअंदाज करते हुए जबरन घेराबंदी की जा रही है.
पार्षद नीतू शर्मा ने आवास बोर्ड के रवैये को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि यह पूरी तरह जनविरोधी और मानवता के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि दो से चार फीट जगह छोड़ देने से नाले के पानी की निकासी सुचारू रहती और सफाई कार्य में भी आसानी होती. उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में लोगों के घरों के नाले का निकास बंद नहीं किया जा सकता. इस मामले की शिकायत नगर प्रशासक और उपायुक्त से की जाएगी ताकि आम लोगों को राहत मिल सके.
स्थानीय लोगों के विरोध के बाद आवास बोर्ड ने नगर निगम द्वारा नाले की सफाई के लिए पहुंची जेसीबी को काम करने की अनुमति दे दी. इस पर पार्षद नीतू शर्मा ने आभार जताया, लेकिन उन्होंने समस्या के स्थायी समाधान के लिए बीच का रास्ता निकालने की मांग की.

मौके पर मौजूद लोगों में आवास बोर्ड के प्रति नाराजगी देखी गई. वहीं जब आवास बोर्ड के अधिकारियों से इस मामले में उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो वे मीडिया के सवालों से बचते नजर आए. स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि आवास बोर्ड के कई प्लॉट और आवासीय सेक्टरों पर वर्षों से अवैध कब्जा बना हुआ है, लेकिन बोर्ड उन मामलों में कार्रवाई करने में विफल रहा है. लोगों का कहना है कि बोर्ड आम नागरिकों पर सख्ती दिखा रहा है, जबकि बड़े कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही.



