सरायकेला: धार्मिक जुलूसों के दौरान बिजली के ओवरहेड तारों से होने वाले संभावित हादसों को लेकर झारखंड लीगल एडवाइजरी एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (JLAADO) ने एक बार फिर राज्य सरकार और बिजली विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया है. संगठन ने ऊर्जा सचिव, गृह सचिव, झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के अध्यक्ष तथा सरायकेला- खरसावां के उपायुक्त को ज्ञापन भेजकर आदित्यपुर विद्युत प्रमंडल क्षेत्र में धार्मिक जुलूस मार्ग, स्कूलों, बाजारों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से गुजर रही एचटी एवं एलटी ओवरहेड बिजली लाइनों को शीघ्र भूमिगत करने की मांग की है.


संगठन के अध्यक्ष ओम प्रकाश ने बताया कि इसी मांग को लेकर 15 जनवरी 2025 को भी संबंधित विभागों को पत्र भेजा गया था, लेकिन लगभग डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने कहा कि आगामी दुर्गापूजा-2026 से पहले सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस कार्य को प्राथमिकता पर पूरा किया जाना चाहिए.
ज्ञापन में 16 जुलाई 2026 को रोड नंबर- 32, आदित्यपुर- 2 में निकली भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि जुलूस के दौरान रथ कई बार एलटी बिजली तारों से टकराने की स्थिति में पहुंच गया था. एक युवक डंडे की मदद से तारों को ऊपर उठाकर संभावित हादसे को टालने का प्रयास करता रहा. संगठन ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताया है.
पत्र में खूंटी जिले में रथयात्रा की तैयारी के दौरान 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से छात्रों के झुलसने की घटना का भी हवाला दिया गया है. संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाएं भविष्य में आदित्यपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी हो सकती हैं, यदि समय रहते ओवरहेड बिजली लाइनों को भूमिगत नहीं किया गया.
संगठन ने मांग की है कि धार्मिक जुलूस मार्गों, स्कूलों, बाजारों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर अंडरग्राउंड केबलिंग कराई जाए, ताकि जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में किसी भी बड़े हादसे से बचा जा सके.

