सरायकेला: नीमडीह थाना क्षेत्र के सिरूम टोला, बुरुडीह स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के परिसर में कथित रूप से अवैध बालू का भंडारण किए जाने का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब एक माह से विद्यालय के आंगन में बालू जमा किया जा रहा है. रात के अंधेरे में ट्रैक्टरों के जरिए बालू लाकर विद्यालय परिसर में रखा जाता है और बाद में हाइवा के माध्यम से उसे बाहर भेजा जाता है. इस गतिविधि को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.


ग्रामीणों के अनुसार, तिरुलडीह क्षेत्र से रात के समय ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू लाकर विद्यालय परिसर में जमा किया जाता है. इसके बाद देर रात हाइवा से बालू की ढुलाई की जाती है. भारी वाहनों और ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही के कारण गांव में रात के समय शोर और आवागमन की समस्या उत्पन्न हो रही है. ग्रामीणों का कहना है कि इससे राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के ही कुछ बिचौलियों के संरक्षण में कथित रूप से यह कारोबार संचालित किया जा रहा है. ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि विद्यालय जैसे संवेदनशील और सार्वजनिक परिसर का इस्तेमाल कथित रूप से बालू के भंडारण के लिए कैसे किया जा रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही से विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है. जिस परिसर में दिन के समय बच्चे पढ़ाई करते हैं, उसी परिसर में बालू का भंडारण और वाहनों की आवाजाही विद्यालय की व्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.
ग्रामीणों का आरोप है कि रात के अंधेरे में कथित रूप से जारी बालू की ढुलाई पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से संबंधित लोगों के हौसले बढ़े हुए हैं. ग्रामीणों ने इसे विद्यालय परिसर के कथित दुरुपयोग के साथ-साथ अवैध बालू कारोबार से जुड़ा गंभीर मामला बताया है.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से पूरे मामले की तत्काल जांच कराने, विद्यालय परिसर का निरीक्षण करने और कथित अवैध बालू भंडारण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है. साथ ही ग्रामीणों ने कहा है कि जांच में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए.
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि विद्यालय बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा का स्थान है. किसी भी परिस्थिति में विद्यालय परिसर का इस्तेमाल कथित अवैध बालू कारोबार के लिए नहीं होना चाहिए.
प्रमोद सिंह (संपादक)

