सरायकेला. ईद-ए-मिलाद उन-नबी के अवसर पर बुधवार को सरायकेला में श्रद्धा, भाईचारे और अमन-चैन का संदेश देते हुए भव्य जुलूस निकाला गया. जुलूस सरायकेला शहरी क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए राजबांध पहुंचकर संपन्न हुआ. जुलूस में मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.


जुलूस के दौरान लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को याद करते हुए इंसानियत, प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश दिया. विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने जुलूस का स्वागत किया. धार्मिक नारों और नात-ए-पाक के बीच पूरे क्षेत्र का माहौल श्रद्धा और उत्साह से भरा रहा.
जुलूस को लेकर सरायकेला थाना पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार स्वयं जुलूस के साथ मौजूद रहे और पूरे मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी. संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ यातायात और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई थी.
थाना प्रभारी विनय कुमार ने जुलूस में शामिल लोगों से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की. पुलिस की सक्रिय निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से अपने निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए राजबांध पहुंचा और संपन्न हो गया.
ईद-ए-मिलाद उन-नबी मुस्लिम समाज का महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है. इस दिन पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस की याद में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. मस्जिदों और घरों में विशेष दुआ, नात-ए-पाक और अन्य धार्मिक कार्यक्रम होते हैं. कई स्थानों पर जुलूस भी निकाला जाता है, जिसके माध्यम से शांति, मानवता, दया, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया जाता है.
सरायकेला में आयोजित जुलूस में भी धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव और शांति का संदेश देखने को मिला. आयोजन के दौरान लोगों ने आपसी भाईचारे और शहर की शांति को प्राथमिकता देने का संदेश दिया. आस्था अपनी जगह है, लेकिन शहर की शांति और भाईचारा सबसे ऊपर है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

