
सरायकेला: जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और बढ़ती मौतों को लेकर जनाक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है. अधिवक्ता सह सामाजिक कार्यकर्ता जलेश कवि ने उपायुक्त को आवेदन सौंपकर सरायकेला-टाटा मुख्य मार्ग समेत जिले की जर्जर सड़कों की बदहाली पर गंभीर चिंता जताई है.


उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में हजारों लोग सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं, लेकिन सड़कों की स्थिति में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है. सरायकेला-टाटा, सरायकेला-चाईबासा समेत कई प्रमुख मार्ग गड्ढों, उखड़ी सड़कों और खराब निर्माण गुणवत्ता के कारण दुर्घटनाओं का केंद्र बन चुके हैं. बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं.
जलेश कवि ने मांग की है कि जर्जर सड़कों का तत्काल सर्वे कर मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए. साथ ही स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों के आसपास भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर और स्ट्रीट लाइट लगाने तथा यातायात नियमों के पालन के लिए नियमित जांच अभियान चलाने की व्यवस्था की जाए.
उन्होंने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए स्वतंत्र समिति गठित करने की भी मांग की. जलेश कवि ने कहा कि यह केवल सड़क निर्माण का मुद्दा नहीं, बल्कि सीधे लोगों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा सवाल है. यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो और कई परिवार सड़क हादसों की भेंट चढ़ सकते हैं.
आवेदन की प्रतिलिपि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जिला परिवहन पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भी भेजी गई है.
प्रमोद सिंह
संपादक






