सरायकेला: आदित्यपुर क्षेत्र में लंबे समय से आमने-सामने रहे सागर लोहार और विक्की नंदी गिरोह के बीच कथित सुलह की संभावना को लेकर इंडिया न्यूज वायरल बिहार झारखंड में सूत्रों के हवाले से प्रकाशित खबर के बाद एक नई स्थिति सामने आई है. खबर को जहां सभ्य समाज और पुलिस महकमे में अपराध की राह छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की सकारात्मक संभावना के रूप में देखा गया, वहीं सागर लोहार ने ऐसी किसी सुलह की संभावना से स्पष्ट इनकार किया है.


सागर लोहार ने इंडिया न्यूज वायरल के संवाददाता को फोन कर खबर का खंडन प्रकाशित करने को कहा. उसका कहना है कि विक्की नंदी गिरोह के साथ किसी तरह की सुलह की बात नहीं हुई है. सागर ने संवाददाता से कहा, “हम न अपराध करेंगे, न सुलह. ऐसी खबर प्रकाशित करने से पहले मुझसे बात करनी चाहिए थी. इससे हमारे लड़कों के बीच गलत संदेश जाएगा.” सागर लोहार के पक्ष को इंडिया न्यूज वायरल उसी प्रमुखता के साथ प्रकाशित कर रहा है, जिस प्रमुखता से पूर्व में सूत्रों के हवाले से दोनों पक्षों के बीच तनाव खत्म होने की संभावना की खबर प्रकाशित की गई थी.
विक्की नंदी की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं
पूर्व में प्रकाशित खबर पर विक्की नंदी की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि उसके बड़े भाई कुणाल उर्फ बिट्टू नंदी की पत्नी ने पूरे विवाद से स्वयं और अपने परिवार को अलग रखते हुए स्पष्ट किया है कि उनका न विक्की नंदी के आपराधिक मामलों से कोई लेना-देना है और न सागर लोहार से. वह अपने परिवार के साथ मुख्यधारा में सामान्य जीवन जीना चाहती हैं. उन्होंने सरायकेला- खरसावां के पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर यह भरोसा भी दिलाया था कि भविष्य में वह अपने पति को किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होने देंगी. यदि ऐसी कोई संलिप्तता सामने आती है तो वह स्वयं पुलिस का सहयोग करेंगी. साथ ही उन्होंने दोनों पक्षों से आपसी दुश्मनी समाप्त कर अपराध की दुनिया छोड़ने और परिवार के साथ सामान्य जिंदगी बिताने की अपील की थी.
पुलिस भी देना चाहती है सुधरने का मौका
बताया जाता है कि पुलिस अधीक्षक ने भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए यह संदेश दिया था कि यदि दोनों पक्ष आपसी विवाद समाप्त करते हैं और भविष्य में किसी आपराधिक वारदात में उनकी संलिप्तता नहीं मिलती है तो कानून के दायरे में उन्हें सुधरने और मुख्यधारा में लौटने का अवसर मिलेगा. ऐसे में सागर लोहार द्वारा सुलह से इनकार किए जाने के बाद यह सवाल जरूर खड़ा हो गया है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव आखिर किस दिशा में जाएगा. हालांकि सागर के इस बयान को यह निष्कर्ष मान लेना कि वह मुख्यधारा में लौटना ही नहीं चाहता, उचित नहीं होगा, क्योंकि उसने स्वयं कहा है कि वह अपराध नहीं करेगा. उसका विरोध मुख्य रूप से विक्की नंदी पक्ष के साथ कथित सुलह की खबर को लेकर है.
कुछ दिन पहले सद्भावना और एसपी से मुलाकात की कही थी बात
इस पूरे घटनाक्रम का एक दूसरा महत्वपूर्ण पहलू भी है. सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पूर्व सागर लोहार ने इंडिया न्यूज वायरल के उसी संवाददाता के माध्यम से क्षेत्र में सद्भावना के साथ रहने की इच्छा जताई थी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कराने का अनुरोध भी किया था. इससे यह संकेत मिला था कि वह पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रखकर आगे विवाद से दूरी बनाने की दिशा में बढ़ना चाहता है. मगर दोनों गिरोह के बीच संभावित सुलह की खबर प्रकाशित होने के बाद सागर ने कड़ी आपत्ति जताई. खासकर उसका यह कहना कि इससे “हमारे लड़कों के बीच गलत संदेश जाएगा”, कई सवाल छोड़ता है. सवाल यह है कि यदि अपराध से दूरी बनानी है तो फिर सुलह की संभावना को प्रतिष्ठा से जोड़कर क्यों देखा जा रहा है ?
गैंगवार से सबसे ज्यादा नुकसान परिवार और समाज का
गौरतलब है कि आदित्यपुर और आसपास के इलाके में आपराधिक गुटों की आपसी प्रतिद्वंद्विता पहले भी पुलिस के लिए चुनौती रही है. ऐसी दुश्मनी में केवल गिरोह से जुड़े लोग ही प्रभावित नहीं होते, बल्कि उनके परिवार और आम नागरिक भी भय के माहौल में जीने को मजबूर होते हैं. ऐसे में इंडिया न्यूज वायरल बिहार झारखंड का उद्देश्य किसी गिरोह की प्रतिष्ठा को कम या ज्यादा करना नहीं, बल्कि यदि आपसी दुश्मनी समाप्त कर अपराध से दूरी बनाने की कोई संभावना बनती है तो उसे समाजहित में सामने लाना है. पूर्व की खबर भी सूत्रों से मिली इसी संभावना पर आधारित थी. अब सागर लोहार ने इसका खंडन किया है तो उसका पक्ष भी पूरी स्पष्टता के साथ पाठकों के सामने है. अब निगाह पुलिस और दोनों पक्षों के अगले कदम पर होगी. सागर लोहार अपने कथन “न अपराध करेंगे” पर कायम रहता है और दूसरा पक्ष भी आपराधिक गतिविधियों से दूरी बनाता है तो औपचारिक सुलह के बिना भी क्षेत्र में शांति संभव है. अंततः पुलिस और समाज के लिए महत्वपूर्ण यह नहीं है कि कौन किससे हाथ मिलाता है, बल्कि यह है कि बंदूकें शांत रहें, अपराध न हो और पुरानी दुश्मनी की कीमत किसी और परिवार को न चुकानी पड़े.

