आदित्यपुर: रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में कार्यरत याशिका डेवलपर ने अपने ग्राहकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए बिजनेस रणनीति में बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है. कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि नए और पुराने किसी भी ग्राहक को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.

शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कंपनी के डायरेक्टर जितेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि एडीजे रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से जमशेदपुर और सरायकेला क्षेत्र में अब तक कुल 11 प्रोजेक्ट पर काम किया गया है, जिनमें अधिकांश परियोजनाओं को ग्राहकों का सकारात्मक सहयोग और भरोसा मिला है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने हमेशा पारदर्शिता और विश्वास के आधार पर काम किया है और आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ेगी.
उन्होंने बताया कि केपीएस गम्हरिया प्रोजेक्ट अपेक्षित स्तर तक सफल नहीं हो पाया, लेकिन कंपनी अपने ग्राहकों के हितों की पूरी जिम्मेदारी ले रही है. उन्होंने कहा कि जिन ग्राहक पैसा वापस लेना चाहेंगे, उन्हें राशि लौटाई जाएगी और जो ग्राहक प्लॉट लेना चाहेंगे, उन्हें प्लॉट उपलब्ध कराया जाएगा. जरूरत पड़ने पर ग्राहकों को बेहतर और अधिक मूल्य वाले प्लॉट भी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा.
कंपनी के डायरेक्टर ने कहा कि ग्राहकों का विश्वास ही कंपनी की सबसे बड़ी पूंजी है और उसे बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं. इसके तहत अब कंपनी नियमित रूप से ग्राहकों के साथ बैठक करेगी, ताकि उनकी समस्याओं, सुझावों और जरूरतों को सीधे सुना जा सके और उनका शीघ्र समाधान किया जा सके.
उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि ग्राहकों की शिकायतों और आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. साथ ही प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ काम किया जाए.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कंपनी प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि याशिका डेवलपर अपने ग्राहकों के साथ दीर्घकालिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण परियोजनाओं के साथ लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि यह कंस्ट्रक्शन कंपनी उनकी पारिवारिक कंपनी है. परिवार के सभी सदस्य मिलकर इसे आगे ले जा रहे हैं. इस अवसर पर जितेन्द्रनाथ मिश्रा की धर्मपत्नी तारा देवी, भतीजा ललन मिश्रा, तपन मिश्रा, पुत्र आशुतोष मिश्रा एवं राजेंद्र नाथ मिश्रा मौजूद रहे.

