आदित्यपुर: नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सह समाजसेवी पुरेन्द्र नारायण सिंह की पहल पर बाबाकुटी क्षेत्र के लोगों को लंबे बिजली संकट से राहत मिली. शुक्रवार को आए तेज आंधी- तूफान के कारण कुलुपटांगा फीडर में आई तकनीकी खराबी को करीब 19 घंटे बाद दुरुस्त किया गया, जबकि बाबाकुटी इलाके में ट्रांसफार्मर में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण बार-बार बिजली ट्रिप कर रही थी. इससे बड़ी आबादी भीषण गर्मी और पानी की गंभीर किल्लत से जूझने को मजबूर हो गई थी.

क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया था. घरों में लगे इन्वर्टर जवाब दे चुके थे और मोटर नहीं चल पाने के कारण पानी की समस्या भी विकराल हो गई थी. स्थानीय निवासी और युवक रवि शंकर सिंह ने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर समस्या समाधान की मांग की, लेकिन पूरी रात मरम्मत कार्य में जुटे अधिकारी और कर्मियों ने उनकी शिकायतों पर तत्काल ध्यान नहीं दिया.
इसके बाद पूर्व उपाध्यक्ष पुरेन्द्र नारायण सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों पर दबाव बनाया. उनके हस्तक्षेप के बाद बिजली विभाग के कर्मी सक्रिय हुए और शनिवार शाम करीब 5:30 बजे ट्रांसफार्मर में आई तकनीकी खराबी को दूर कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई. करीब 24 घंटे बाद बिजली आने से उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली. क्षेत्र के लोगों ने पुरेन्द्र नारायण सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी पहल के कारण ही समस्या का समाधान संभव हो सका.
गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार को पुरेन्द्र नारायण सिंह कुलुपटांगा फीडर में लगातार हो रही तकनीकी खराबियों और बिजली संकट को लेकर जमशेदपुर विद्युत एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक से मुलाकात कर चुके हैं. उन्होंने फीडर की जर्जर व्यवस्था में स्थायी सुधार और मजबूत बिजली संरचना विकसित करने की मांग उठाई थी. इस पर विभागीय अधिकारियों ने जल्द सुधार कार्य शुरू करने का आश्वासन भी दिया है.
पुरेन्द्र नारायण सिंह ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि कुलुपटांगा फीडर के साथ सौतेला व्यवहार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र की बिजली समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में जनहित में आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा. हालांकि विभागीय अधिकारियों से मिले संकेतों के अनुसार जल्द ही फीडर के व्यापक मेंटेनेंस और सुधार कार्य शुरू किए जाने की संभावना है.



